सबद 90: चोइस चेड़ा कालिंग केड़ा
शब्दवाणी का सबद 90 "चोइस चेड़ा कालिंग केड़ा" से शुरू होता है। इसमें 13 पंक्तियाँ हैं। नीचे गुरु जम्भेश्वर भगवान का यह सबद मूल पाठ में दिया गया है।
ओ३म् चोइस चेड़ा कालिंग केड़ा, अधिक कलावंत आयसै।वैफेर आसन मुकर होय बैसेला, नुगरा थान रचायसै।जाणत भूला महा पापी, बहू दुनियां भोलायसै।दिल का कूड़ा कुड़ियारा, उपंग बात चलायसै।गुरु गहणां जो लेवे नांही, दश बंध घर बोसायसै।आप थापी महा पापी, दग्धी परलै जायसै।सतगुरु के बेड़े न चढ़ै, गुरु स्वामी नै भायसै।मंत्र बेलूं ऋद्ध सिद्ध करसै, दे दे कार चलायसै।काठ का घोड़ा निरजीवता, सरजीव करसै, तानै दाल चरायसै।अधर आसन मांड बैसेला, मुवा मड़ा हंसायसै।जां जां पवन आसण पाणी आसण, चंद आसण सूर आसण।गुरु आसण सम्भराथले, कहै सतगुरु भूल मत जाइयों।पड़ोला अभै दोजखै।
शब्दवाणी का पाठ
बिश्नोई समाज में हवन के समय शब्दवाणी के सबदों का पाठ किया जाता है और हर सबद पूरा होने पर "स्वाहा" बोलकर आहुति दी जाती है। अमावस्या के व्रत, जागरण और पाहल के समय भी सबदों का पाठ होता है। अगली अमावस्या का समय बिश्नोई कैलेंडर में देखें। और पढ़ें: बिश्नोई समाज के 29 नियम • जाम्भोजी का इतिहास • जम्भेश्वर भगवान आरती
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शब्दवाणी का सबद 90 कौन सा है?
सबद 90 की पहली पंक्ति है: ओ३म् चोइस चेड़ा कालिंग केड़ा, अधिक कलावंत आयसै।
शब्दवाणी में कुल कितने सबद हैं?
शब्दवाणी में गुरु जम्भेश्वर भगवान के 120 सबद हैं। सभी सबदों की सूची शब्दवाणी पेज पर है।
