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जाम्भाणी पर्व • अमावस्या व्रत • आने वाले 12 महीने

बिश्नोई कैलेंडर: अमावस्या, मुकाम मेला और जाम्भाणी पर्व

आने वाले 12 महीनों में 13 अमावस्या हैं। मुकाम मेला फाल्गुन अमावस्या (8 मार्च 2027, सोमवार) और आसोज अमावस्या (29 सितंबर 2027, बुधवार) को, जाम्भोलाव मेला चैत्र अमावस्या (6 अप्रैल 2027, मंगलवार) को है। जाम्भोजी अवतार दिवस 24 अगस्त 2027, मंगलवार, खेजड़ली शहीदी मेला 10 सितंबर 2027, शुक्रवार, पंथ स्थापना दिवस 23 अक्टूबर 2027, शनिवार और निर्वाण दिवस 2 दिसंबर 2026, बुधवार को है।

गणना: जम्भ भक्ति • अमावस्या का समय भारतीय समय (IST) में • व्रत अमावस्या लगने से उतरने तक • मेले का दिन बीकानेर के सूर्योदय-सूर्यास्त से
अगली अमावस्या: कार्तिक अमावस्यालगेगी: 8 नवंबर, रविवार, सुबह 11:29 • उतरेगी: 9 नवंबर, सोमवार, दोपहर 12:32
व्रत: अमावस्या लगने से उतरने तक, कुल 25 घंटे 3 मिनट
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अमावस्या आने वाले 12 महीने: कब लगेगी, कब उतरेगी

अमावस्यालगेगी (व्रत शुरू)उतरेगी (व्रत खोलें)व्रत की अवधिमेला
कार्तिक अमावस्या8 नवंबर, रविवार, सुबह 11:299 नवंबर, सोमवार, दोपहर 12:3225 घंटे 3 मिनट—
मार्गशीर्ष (मिगसर) अमावस्या8 दिसंबर, मंगलवार, सुबह 4:139 दिसंबर, बुधवार, सुबह 6:2226 घंटे 9 मिनट—
पौष अमावस्या6 जनवरी, बुधवार, रात 11:158 जनवरी, शुक्रवार, देर रात 1:5526 घंटे 40 मिनट—
माघ अमावस्या5 फ़रवरी, शुक्रवार, शाम 7:066 फ़रवरी, शनिवार, रात 9:2626 घंटे 20 मिनटमाघ (मौनी) अमावस्या
6 फ़रवरी 2027, शनिवार
कई स्थानीय धोरों और साथरियों पर मेले
फाल्गुन अमावस्या7 मार्च, रविवार, दोपहर 1:478 मार्च, सोमवार, दोपहर 3:0025 घंटे 13 मिनटमुकाम मेला (फाल्गुन)
8 मार्च 2027, सोमवार
मुकाम, समराथल धोरा, पीपासर और जाजीवाल धोरा सहित कई धामों पर
चैत्र अमावस्या6 अप्रैल, मंगलवार, सुबह 5:417 अप्रैल, बुधवार, सुबह 5:2123 घंटे 40 मिनटजाम्भोलाव (जांभा) मेला
6 अप्रैल 2027, मंगलवार
जाम्भोलाव धाम (जांभा, फलोदी), लोदीपुर और कई साथरियों पर
वैशाख अमावस्या5 मई, बुधवार, शाम 6:176 मई, गुरुवार, शाम 4:2922 घंटे 12 मिनट—
ज्येष्ठ अमावस्या4 जून, शुक्रवार, सुबह 4:065 जून, शनिवार, देर रात 1:1021 घंटे 4 मिनट—
आषाढ़ अमावस्या3 जुलाई, शनिवार, दोपहर 12:064 जुलाई, रविवार, सुबह 8:3220 घंटे 26 मिनट—
श्रावण अमावस्या1 अगस्त, रविवार, शाम 7:212 अगस्त, सोमवार, दोपहर 3:3520 घंटे 14 मिनट—
भाद्रपद अमावस्या31 अगस्त, मंगलवार, देर रात 2:4231 अगस्त, मंगलवार, रात 11:1120 घंटे 29 मिनटभादवा अमावस्या मेला
31 अगस्त 2027, मंगलवार
रामड़ावास, जांगलू और कई साथरियों पर
आसोज (आश्विन) अमावस्या29 सितंबर, बुधवार, सुबह 10:5630 सितंबर, गुरुवार, सुबह 8:0621 घंटे 10 मिनटमुकाम मेला (आसोज)
29 सितंबर 2027, बुधवार
मुकाम, समराथल धोरा और पीपासर
कार्तिक अमावस्या28 अक्टूबर, गुरुवार, रात 8:4929 अक्टूबर, शुक्रवार, शाम 7:0722 घंटे 18 मिनट—

बिश्नोई परंपरा में अमावस्या का व्रत अमावस्या लगने के समय से शुरू होता है और अमावस्या उतरने के समय खोला जाता है। जैसे, अगर अमावस्या सुबह 10:21 पर लगे तो व्रत तभी से शुरू होगा और जिस समय उतरे, उसी समय व्रत खुलेगा। लगने और उतरने का समय पूरे भारत में एक ही रहता है। बड़े मेलों की तारीख उस दिन की दी गई है जिस दिन सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच ज़्यादा समय अमावस्या रहे (बीकानेर के अनुसार); मेले का दिन आयोजक समिति से भी पुष्टि कर लें।

जाम्भाणी पर्व और मेले आने वाले 12 महीने

तारीखपर्व / मेलास्थानतिथि और महत्व
2 दिसंबर 2026, बुधवारजाम्भोजी निर्वाण दिवस (चिलत नवमी)लालासर साथरी (बीकानेर)मिगसर वदी 9, वि.सं. 1593 में लालासर में निर्वाण
6 फ़रवरी 2027, शनिवारमाघ (मौनी) अमावस्याकई स्थानीय धोरों और साथरियों पर मेलेमाघ अमावस्या, 5 फ़रवरी, शुक्रवार, शाम 7:06 से 6 फ़रवरी, शनिवार, रात 9:26 तक
8 मार्च 2027, सोमवारमुकाम मेला (फाल्गुन)मुकाम, समराथल धोरा, पीपासर और जाजीवाल धोरा सहित कई धामों परफाल्गुन अमावस्या, 7 मार्च, रविवार, दोपहर 1:47 से 8 मार्च, सोमवार, दोपहर 3:00 तक
6 अप्रैल 2027, मंगलवारजाम्भोलाव (जांभा) मेलाजाम्भोलाव धाम (जांभा, फलोदी), लोदीपुर और कई साथरियों परचैत्र अमावस्या, 6 अप्रैल, मंगलवार, सुबह 5:41 से 7 अप्रैल, बुधवार, सुबह 5:21 तक
17 अप्रैल 2027, शनिवारवील्होजी परमधाम गमन दिवसरामड़ावास (जोधपुर)चैत सुदी 11
24 अगस्त 2027, मंगलवारजाम्भोजी अवतार दिवस (जन्माष्टमी)पीपासर (नागौर) सहित सभी धामों परभादो वदी 8, वि.सं. 1508 में पीपासर में अवतार
31 अगस्त 2027, मंगलवारभादवा अमावस्या मेलारामड़ावास, जांगलू और कई साथरियों परभाद्रपद अमावस्या, 31 अगस्त, मंगलवार, देर रात 2:42 से 31 अगस्त, मंगलवार, रात 11:11 तक
10 सितंबर 2027, शुक्रवारखेजड़ली शहीदी मेलाखेजड़ली (जोधपुर)भादो सुदी 10, सन 1730 में अमृता देवी और 363 बिश्नोइयों का खेजड़ी बचाने के लिए बलिदान
15 सितंबर 2027, बुधवारजाम्भोलाव छोटा मेला (भादवा पूर्णिमा)जाम्भोलाव धाम (जांभा)भादो सुदी पूनम
29 सितंबर 2027, बुधवारमुकाम मेला (आसोज)मुकाम, समराथल धोरा और पीपासरआसोज (आश्विन) अमावस्या, 29 सितंबर, बुधवार, सुबह 10:56 से 30 सितंबर, गुरुवार, सुबह 8:06 तक
23 अक्टूबर 2027, शनिवारबिश्नोई पंथ स्थापना दिवससमराथल धोरा सहित कई स्थानों परकार्तिक वदी 8, वि.सं. 1542 में समराथल पर पाहल देकर पंथ की स्थापना

मेलों की तारीख तिथि के हिसाब से निकाली गई है। स्थानीय मेलों का दिन आयोजक समिति से भी पुष्टि कर लें।

हर मेले की पूरी जानकारी

बिश्नोई धर्म के प्रमुख धाम और उनके मेले

धामकहाँमहत्वमेला
मुकाम (मुक्तिधाम)नोखा, बीकानेरगुरु जम्भेश्वर भगवान की समाधि (वि.सं. 1593)फाल्गुन और आसोज अमावस्या
समराथल धोरामुकाम के पास, बीकानेरजाम्भोजी का तप स्थान, यहीं वि.सं. 1542 में बिश्नोई पंथ की स्थापना हुईफाल्गुन और आसोज अमावस्या, कार्तिक वदी 8
पीपासरनागौरजाम्भोजी का अवतार (जन्म) स्थान, वि.सं. 1508जन्माष्टमी (भादो वदी 8), फाल्गुन अमावस्या
जाम्भोलाव (जांभा)फलोदी, जोधपुर संभागजाम्भोजी द्वारा खुदवाया गया पवित्र तालाबचैत्र अमावस्या (बड़ा मेला), भादो पूर्णिमा (छोटा मेला)
लालासर साथरीबीकानेरजाम्भोजी का निर्वाण स्थान, वि.सं. 1593मिगसर वदी 9 (चिलत नवमी)
खेजड़लीजोधपुरसन 1730 में अमृता देवी और 363 बिश्नोइयों का खेजड़ी बचाने के लिए बलिदानभादो सुदी 10
जांगलूबीकानेरजाम्भोजी की साथरीभादवा अमावस्या
रामड़ावासजोधपुरसंत वील्होजी से जुड़ा धामचैत सुदी 11, भादवा अमावस्या

तीर्थ स्थलों के बारे में और पढ़ें: तीर्थ स्थल • जाम्भोजी का इतिहास।

अमावस्या का व्रत: बिश्नोई धर्म का नियम

गुरु जम्भेश्वर भगवान के बताए 29 नियमों में अमावस्या का व्रत रखना भी एक नियम है। इस दिन बिश्नोई समाज में व्रत, हवन, शब्दवाणी का पाठ और जागरण किया जाता है, और बड़े धामों पर मेले लगते हैं। अमावस्या कभी-कभी दो दिन में बँटी होती है, इसलिए ऊपर की तालिका में लगने और उतरने का पूरा समय दिया गया है।

आरती और भजन: जम्भेश्वर भगवान आरती • आरती कु कु केरा चरण • पूरा पंचांग: बीकानेर का आज का पंचांग • हिंदू कैलेंडर

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अगली अमावस्या कब है?

कार्तिक अमावस्या 8 नवंबर, रविवार, सुबह 11:29 को लगेगी और 9 नवंबर, सोमवार, दोपहर 12:32 को उतरेगी। व्रत अमावस्या लगने के समय से शुरू होकर उतरने के समय खुलेगा, यानी कुल 25 घंटे 3 मिनट का व्रत होगा।

मुकाम मेला कब है?

मुकाम मेला साल में दो बार लगता है: फाल्गुन अमावस्या (8 मार्च 2027, सोमवार) और आसोज अमावस्या (29 सितंबर 2027, बुधवार) को।

जाम्भोलाव (जांभा) मेला कब है?

जाम्भोलाव का बड़ा मेला चैत्र अमावस्या (6 अप्रैल 2027, मंगलवार) को है।

जाम्भोजी का निर्वाण दिवस कब है?

मिगसर वदी 9 (चिलत नवमी) को, जो इस बार 2 दिसंबर 2026, बुधवार को है। इस दिन लालासर साथरी में मेला लगता है।

बिश्नोई पंथ स्थापना दिवस कब है?

कार्तिक वदी 8 को, जो इस बार 23 अक्टूबर 2027, शनिवार को है। वि.सं. 1542 में इसी दिन समराथल धोरे पर जाम्भोजी ने बिश्नोई पंथ की स्थापना की थी।

जाम्भोजी का अवतार दिवस कब है?

भादो वदी 8 (जन्माष्टमी) को, जो इस बार 24 अगस्त 2027, मंगलवार को है। पीपासर में बड़ा मेला लगता है।

बिश्नोई अमावस्या का व्रत कब से कब तक रखें?

बिश्नोई परंपरा में अमावस्या का व्रत अमावस्या लगने के समय से शुरू करते हैं और अमावस्या उतरने के समय खोलते हैं। जैसे, अमावस्या सुबह 10:21 पर लगे तो व्रत 10:21 से शुरू होगा और उतरने के समय पूरा होगा। ऊपर की तालिका में हर अमावस्या के लगने और उतरने का समय दिया गया है।

अमावस्या पर बिश्नोई समाज में क्या करते हैं?

अमावस्या का व्रत जाम्भोजी के बताए 29 नियमों में से एक है। इस दिन व्रत के साथ हवन, शब्दवाणी का पाठ और जागरण किया जाता है, और बड़े धामों पर मेले लगते हैं।

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