
साखी – तारण हार थला शिर आयो,बाबो जंभू दीपे प्रगट्यो(Bishnoi jambhoji Saakhi)
साखी – तारण हार थला शिर आयो तारण

साखी – तारण हार थला शिर आयो तारण

साखी विष्णु विसार मत जाई

साखी – आओ मिलो साधो ओमलो

साखी – आये म्हारे जम्भ गुरु जगदीश प्रातःकाल-

अमावस्या व्रत कथा महात्म्य (