॥ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः ॥
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भजन · आरती · मंत्र

सनातन भक्ति संग्रह

देवी-देवताओं के भजन, आरती, मंत्र और चालीसा

शिव, कृष्ण, राम, हनुमान, गणेश, माँ दुर्गा और सभी देवी-देवताओं के भजन व आरती के पूरे लिरिक्स हिंदी में। साथ में व्रत कथाएँ, स्तोत्र, आज की तिथि और गुरु जम्भेश्वर भगवान की साखी।

आज की तिथि

हिंदू पंचांग के अनुसार आज की तिथि, पक्ष, माह, विक्रम संवत और व्रत-त्योहार। यह पेज रोज़ अपडेट होता है।

॥ ॐ भूर्भुवः स्वः ॥

देवी-देवता

अपने आराध्य को चुनें, उनके सभी भजन, आरती और मंत्र एक जगह मिलेंगे।

भगवान शिव

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कथा

व्रत, पौराणिक और प्रेरक कथाएँ

साखी

गुरु जम्भेश्वर भगवान की साखी

वेब स्टोरीज़

आरती, व्रत कथा, मंत्र और बिश्नोई पंथ की कहानियाँ, एक मिनट में। रोज़ 5 नई स्टोरी, अब तक 59 स्टोरीज़।

Homeनई8 नवंबर 2026इंद्रकृत लक्ष्मी स्तोत्र: चुने श्लोक अर्थ सहितHomeनई8 नवंबर 2026ॐ महालक्ष्म्यै नमः: दिवाली की रात मंत्र जप का सही तरीकाHomeनई8 नवंबर 2026बिश्नोई धर्म में अमावस्या व्रत: जाम्भोजी का शब्द 101 और उसका भावHomeनई8 नवंबर 2026दिवाली क्यों मनाते हैं? श्रीराम का अयोध्या आगमन और लक्ष्मी पूजाHomeनई8 नवंबर 2026महालक्ष्मी अष्टकम्: ‘नमस्तेऽस्तु महामाये’ अर्थ सहितHome7 नवंबर 2026दशरथ और शनिदेव की कथा: रोहिणी शकट भेदन और शनि स्तोत्रHome7 नवंबर 2026कनकधारा स्तोत्र: शंकराचार्य की कथा और चुने श्लोक अर्थ सहितHome7 नवंबर 2026जाम्भोजी का प्रथम शब्द: ‘गुरु चीन्हो गुरु चीन्ह पुरोहित’ अर्थ सहितHome7 नवंबर 2026नरक चतुर्दशी 2026: नरकासुर वध की कथा और रूप चौदसHome7 नवंबर 2026शनिदेव की आरती ‘जय जय श्री शनिदेव’: अर्थ सहित

गुरु जम्भेश्वर और बिश्नोई पंथ

गुरु जम्भेश्वर भगवान (जाम्भोजी) का जन्म 1451 ई. (विक्रम संवत 1508) में नागौर ज़िले के पीपासर गाँव में हुआ। 1485 ई. में समराथल धोरा पर उन्होंने बिश्नोई पंथ की स्थापना की और 29 नियम दिए।

ज्योतिष और पंचांग

आज का पंचांग, राशिफल, हिंदू और बिश्नोई कैलेंडर, कुंडली और साल भर के व्रत-मुहूर्त, सब जम्भ भक्ति की अपनी खगोलीय गणना से।

आज 8 नवंबर 2026, रविवारतिथि कृष्ण चतुर्दशीनक्षत्र स्वातिराहु काल शाम 4:09 से शाम 5:31पूरा पंचांग →

आने वाले व्रत और पर्व

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ज्योतिष ज्ञान

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अपडेटआज कौन सी तिथि है?

आज 8 नवंबर 2026, रविवार को सूर्योदय के समय कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि है, जो सुबह 11:29 तक रहेगी (नई दिल्ली)। आज की तिथि →

अपडेटअगली एकादशी कब है?

अगली एकादशी देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी है। स्मार्त (गृहस्थ) व्रत 20 नवंबर 2026, शुक्रवार को और वैष्णव व्रत 21 नवंबर 2026, शनिवार को है। पारण 21 नवंबर, शनिवार, दोपहर 1:10 से दोपहर 3:18 तक। पूरी जानकारी →

अपडेटअगली अमावस्या कब है?

अगली अमावस्या कार्तिक अमावस्या है। अमावस्या 8 नवंबर, रविवार, सुबह 11:29 से 9 नवंबर, सोमवार, दोपहर 12:32 तक रहेगी, उदया तिथि से 9 नवंबर 2026, सोमवार को। बिश्नोई परंपरा में व्रत अमावस्या लगने से उतरने तक रखा जाता है। अमावस्या कब है →

जम्भ भक्ति पर क्या मिलता है?

शिव, कृष्ण, राम, हनुमान, गणेश, माँ दुर्गा, माँ लक्ष्मी, खाटू श्याम और सभी देवी-देवताओं के भजन, आरती, मंत्र, चालीसा और व्रत कथाएँ हिंदी में मुफ़्त। साथ में रोज़ का पंचांग, बिश्नोई कैलेंडर और आसान ज्योतिष टूल।

किसी देवी-देवता के सभी भजन एक साथ कैसे देखें?

ऊपर "देवी-देवता" में अपने आराध्य को चुनें, जैसे भगवान शिव या श्री कृष्ण। उस पेज पर उनके सभी भजन, आरती और मंत्र एक साथ मिलेंगे।

गुरु जम्भेश्वर भगवान (जाम्भोजी) कौन थे?

जाम्भोजी बिश्नोई पंथ के संस्थापक थे। उनका जन्म 1451 ई. (विक्रम संवत 1508) में जन्माष्टमी के दिन नागौर ज़िले के पीपासर गाँव में हुआ और 1485 ई. में समराथल धोरे पर उन्होंने 29 नियमों के साथ बिश्नोई पंथ की स्थापना की। पूरा इतिहास →

अपनी राशि और साढ़ेसाती कैसे जानें?

जन्म तारीख, समय और स्थान डालकर मुफ़्त जन्म रिपोर्ट बनाएँ। इसमें राशि, नक्षत्र, साढ़ेसाती, मांगलिक और आने वाले अच्छे दिन आसान हिंदी में मिलते हैं।

क्या जम्भ भक्ति का मोबाइल ऐप है?

हाँ, भजन, आरती और साखी के लिए जम्भ भक्ति का Android ऐप Google Play Store पर है। ऐप डाउनलोड करें →

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