॥ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः ॥
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भजन · आरती · मंत्र

सनातन भक्ति संग्रह

देवी-देवताओं के भजन, आरती, मंत्र और चालीसा

शिव, कृष्ण, राम, हनुमान, गणेश, माँ दुर्गा और सभी देवी-देवताओं के भजन व आरती के पूरे लिरिक्स हिंदी में। साथ में व्रत कथाएँ, स्तोत्र, आज की तिथि और गुरु जम्भेश्वर भगवान की साखी।

आज की तिथि

हिंदू पंचांग के अनुसार आज की तिथि, पक्ष, माह, विक्रम संवत और व्रत-त्योहार। यह पेज रोज़ अपडेट होता है।

॥ ॐ भूर्भुवः स्वः ॥

देवी-देवता

अपने आराध्य को चुनें, उनके सभी भजन, आरती और मंत्र एक जगह मिलेंगे।

भगवान शिव

भजन, आरती और मंत्र

श्री कृष्ण

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श्री राम

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हनुमान जी

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माँ दुर्गा

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गुरु जम्भेश्वर

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देवी-देवताओं के चालीसा

कथा

व्रत, पौराणिक और प्रेरक कथाएँ

साखी

गुरु जम्भेश्वर भगवान की साखी

वेब स्टोरीज़

आरती, व्रत कथा, मंत्र और बिश्नोई पंथ की कहानियाँ, एक मिनट में। रोज़ 5 नई स्टोरी, अब तक 44 स्टोरीज़।

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गुरु जम्भेश्वर और बिश्नोई पंथ

गुरु जम्भेश्वर भगवान (जाम्भोजी) का जन्म 1451 ई. (विक्रम संवत 1508) में नागौर ज़िले के पीपासर गाँव में हुआ। 1485 ई. में समराथल धोरा पर उन्होंने बिश्नोई पंथ की स्थापना की और 29 नियम दिए।

ज्योतिष और पंचांग

आज का पंचांग, राहु काल, कुंडली और साल भर के व्रत-मुहूर्त, सब जम्भ भक्ति की अपनी खगोलीय गणना से।

आज 5 नवंबर 2026, गुरुवारतिथि कृष्ण एकादशीनक्षत्र उत्तरा फाल्गुनीराहु काल दोपहर 1:26 से दोपहर 2:49पूरा पंचांग →

रोज़ का पंचांग

मुफ़्त ज्योतिष टूल

व्रत, त्योहार और मुहूर्त 2027

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जम्भ भक्ति पर क्या मिलता है?

जम्भ भक्ति पर शिव, कृष्ण, राम, हनुमान, गणेश, माँ दुर्गा, माँ लक्ष्मी, खाटू श्याम और सभी देवी-देवताओं के भजन, आरती, मंत्र, चालीसा और व्रत कथाएँ हिंदी लिरिक्स में मुफ़्त पढ़ सकते हैं।

किसी देवी-देवता के सभी भजन एक साथ कैसे देखें?

ऊपर देवी-देवता में अपने आराध्य को चुनें, जैसे भगवान शिव या श्री कृष्ण। उस पेज पर उनके सभी भजन, आरती और मंत्र एक साथ मिलेंगे।

आज की तिथि कहाँ देखें?

आज की तिथि पेज पर हिंदू पंचांग के अनुसार आज की तिथि, पक्ष, माह, विक्रम संवत और व्रत-त्योहार रोज़ अपडेट होते हैं।

गुरु जम्भेश्वर भगवान (जाम्भोजी) कौन थे?

जाम्भोजी बिश्नोई पंथ के संस्थापक थे। उनका जन्म 1451 ई. (विक्रम संवत 1508) में जन्माष्टमी के दिन नागौर ज़िले के पीपासर गाँव में हुआ और 1485 ई. में समराथल धोरा पर उन्होंने बिश्नोई पंथ की स्थापना की। पूरा इतिहास पढ़ें

क्या जम्भ भक्ति का मोबाइल ऐप है?

हाँ, भजन, आरती और साखी सुनने के लिए जम्भ भक्ति का Android ऐप Google Play Store पर है। ऐप डाउनलोड करें