॥ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः ॥
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भजन · आरती · मंत्र

सनातन भक्ति संग्रह

देवी-देवताओं के भजन, आरती, मंत्र और चालीसा

शिव, कृष्ण, राम, हनुमान, गणेश, माँ दुर्गा और सभी देवी-देवताओं के भजन व आरती के पूरे लिरिक्स हिंदी में। साथ में व्रत कथाएँ, स्तोत्र, आज की तिथि और गुरु जम्भेश्वर भगवान की साखी।

आज की तिथि

हिंदू पंचांग के अनुसार आज की तिथि, पक्ष, माह, विक्रम संवत और व्रत-त्योहार। यह पेज रोज़ अपडेट होता है।

॥ ॐ भूर्भुवः स्वः ॥

देवी-देवता

अपने आराध्य को चुनें, उनके सभी भजन, आरती और मंत्र एक जगह मिलेंगे।

भगवान शिव

भजन, आरती और मंत्र

श्री कृष्ण

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व्रत, पौराणिक और प्रेरक कथाएँ

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गुरु जम्भेश्वर भगवान की साखी

वेब स्टोरीज़

आरती, व्रत कथा, मंत्र और बिश्नोई पंथ की कहानियाँ, एक मिनट में। रोज़ 5 नई स्टोरी, अब तक 32 स्टोरीज़।

Homeनई2 नवंबर 2026सोमवार व्रत कथा: व्यापारी का पुत्र और शिव-पार्वती की कृपाHomeनई2 नवंबर 2026कार्तिक माहात्म्य अध्याय 1: सत्यभामा का प्रश्न और गुणवती की कथाHomeनई2 नवंबर 2026गुरु जम्भेश्वर (जाम्भोजी) का जीवन परिचय: पीपासर से मुकाम तकHomeनई2 नवंबर 2026दामोदराष्टकम्: कार्तिक मास का प्रिय स्तोत्र, अर्थ सहितHomeनई2 नवंबर 2026ॐ जय शिव ओंकारा आरती: अर्थ सहित हर पदHome1 नवंबर 2026छठ पूजा 2026: नहाय-खाय से उषा अर्घ्य तक 4 दिनHome1 नवंबर 2026भाई दूज 2026: कथा, तिलक विधि और यमुना-यमराज की कहानीHome1 नवंबर 2026दिवाली 2026 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: 8 नवंबर का प्रदोष कालHome1 नवंबर 2026ऊँ जय सूर्य भगवान आरती: अर्थ सहित, रविवार विशेषHome1 नवंबर 2026जम्भेश्वर भगवान की आरती: ॐ शब्द सोऽहं ध्यावे, अर्थ सहित

गुरु जम्भेश्वर और बिश्नोई पंथ

गुरु जम्भेश्वर भगवान (जाम्भोजी) का जन्म 1451 ई. (विक्रम संवत 1508) में नागौर ज़िले के पीपासर गाँव में हुआ। 1485 ई. में समराथल धोरा पर उन्होंने बिश्नोई पंथ की स्थापना की और 29 नियम दिए।

ज्योतिष और पंचांग

आज का पंचांग, राहु काल, कुंडली और साल भर के व्रत-मुहूर्त, सब जम्भ भक्ति की अपनी खगोलीय गणना से।

आज 3 नवंबर 2026, मंगलवारतिथि कृष्ण नवमीनक्षत्र मघाराहु काल दोपहर 2:49 से शाम 4:12पूरा पंचांग →

रोज़ का पंचांग

मुफ़्त ज्योतिष टूल

व्रत, त्योहार और मुहूर्त 2027

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जम्भ भक्ति पर क्या मिलता है?

जम्भ भक्ति पर शिव, कृष्ण, राम, हनुमान, गणेश, माँ दुर्गा, माँ लक्ष्मी, खाटू श्याम और सभी देवी-देवताओं के भजन, आरती, मंत्र, चालीसा और व्रत कथाएँ हिंदी लिरिक्स में मुफ़्त पढ़ सकते हैं।

किसी देवी-देवता के सभी भजन एक साथ कैसे देखें?

ऊपर देवी-देवता में अपने आराध्य को चुनें, जैसे भगवान शिव या श्री कृष्ण। उस पेज पर उनके सभी भजन, आरती और मंत्र एक साथ मिलेंगे।

आज की तिथि कहाँ देखें?

आज की तिथि पेज पर हिंदू पंचांग के अनुसार आज की तिथि, पक्ष, माह, विक्रम संवत और व्रत-त्योहार रोज़ अपडेट होते हैं।

गुरु जम्भेश्वर भगवान (जाम्भोजी) कौन थे?

जाम्भोजी बिश्नोई पंथ के संस्थापक थे। उनका जन्म 1451 ई. (विक्रम संवत 1508) में जन्माष्टमी के दिन नागौर ज़िले के पीपासर गाँव में हुआ और 1485 ई. में समराथल धोरा पर उन्होंने बिश्नोई पंथ की स्थापना की। पूरा इतिहास पढ़ें

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हाँ, भजन, आरती और साखी सुनने के लिए जम्भ भक्ति का Android ऐप Google Play Store पर है। ऐप डाउनलोड करें