सबद 64: मैं कर भूला मांड पिराणी
शब्दवाणी का सबद 64 "मैं कर भूला मांड पिराणी" से शुरू होता है। इसमें 30 पंक्तियाँ हैं। नीचे गुरु जम्भेश्वर भगवान का यह सबद मूल पाठ में दिया गया है।
ओ३म् मैं कर भूला मांड पिराणी, काचै कन्ध अगाजूं।काचा कंध गले गल जायसैं, बीखर जैला राजूं।गड़बड़ गाजा कांय बिबाजा, कण विन कूकस कांय लेणा।कांय बोलो मुख ताजो।भरमी वादी अति अहंकारी, लावत यारी, पशुवां पड़े भिरांति।जीव विणासै लाहै कारणै, लोभ सवारथ खायबा खाज अखाजूं।जो अति काले ले जम काले तेपण खीणा, जिहिं का लंक गढ़ था राजों।बिन हस्ती पाखर विन गज गुड़ियों, बिन ढ़ोला डूमा लाकड़ियो।जाकै परसण बाजा बाजै, सो अपरंपर काय न जंपो।हिन्दू मूसलमानों, डर डर जीव के काजै।रावां रंका राजा रावां रावत राजा, खाना खोजा, मीरा मुलकां घंघ फकीरां।घंघा गुरवां सुर नर देवा, तिमर जु लंगा, आयसा जोयसा, साह पुरोहितां।मिश्र ही व्यासां रूंखां बिरखां आव घटंती, अतरा माहे कूण विशेषों।मरणत एको माघों।पशु मकेरूं लहै न फेरूं, कहे ज मेरूं सब जग केरूं।साचै से हर करै घणैरूं।रिण छणै ज्यूं बिखर जैला, तातै मेरू न तेरूं।बिसर गया ते माघूं, रक्तूं नातूं, सेतूं धातूं कुमलावै ज्यूं शागूं।जीव र पिंण्ड बिछेवा होयसी, ता दिन दाम दुगाणी।आड न पैको रती विसोवो सीझै नाही, ओ पिण्ड काम न काजूं।आवत काया ले आयो थो, जातै सूकौ जागो।आवत खिण एक लाई थी, पर जातै खिण न लागो।भाग परापति कर्मा रेखा, दरगै जबला जबला माघों।बिरखे पान झड़े झड़ जायला, तेपण तई न लागूं।सेतूं दगधूं कवलज कलियो, कुमलावै ज्यूं शागूं।ऋतु बसंती आई और भलेरा शागूं।भूला तेण गया रे प्राणी, तिहिं का खोज न माघूं।विष्णु विष्णु भण लई न साई, सुर नर ब्रह्मा को न गाई।तातै जंवर बिन डसीरे भाई, बास बसंते कीवी न कमाई।जंवर तणां जमदूत दहैला, तातै तेरी कहा न बसाई।
शब्दवाणी का पाठ
बिश्नोई समाज में हवन के समय शब्दवाणी के सबदों का पाठ किया जाता है और हर सबद पूरा होने पर "स्वाहा" बोलकर आहुति दी जाती है। अमावस्या के व्रत, जागरण और पाहल के समय भी सबदों का पाठ होता है। अगली अमावस्या का समय बिश्नोई कैलेंडर में देखें। और पढ़ें: बिश्नोई समाज के 29 नियम • जाम्भोजी का इतिहास • जम्भेश्वर भगवान आरती
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शब्दवाणी का सबद 64 कौन सा है?
सबद 64 की पहली पंक्ति है: ओ३म् मैं कर भूला मांड पिराणी, काचै कन्ध अगाजूं।
शब्दवाणी में कुल कितने सबद हैं?
शब्दवाणी में गुरु जम्भेश्वर भगवान के 120 सबद हैं। सभी सबदों की सूची शब्दवाणी पेज पर है।
