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जाम्भोजी कथा

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सेंसेजी का अभिमान खंडन भाग 3 सेंसेजी का अभिमान खंडन भाग 3 सैंसे भक्त के साथ उपस्थित जमाती के लोगों ने पूछा- हे गुरुदेव! इन चार युगों में कोई संसार सागर से पार पहुंचा या नहीं। जाम्भोजी ने उतर देते हुए कहा- जोधपुर नरेश…

सेंसेजी का अभिमान खंडन भाग 2 सेंसेजी का अभिमान खंडन भाग 2 गृहलक्ष्मी कहने लगी- हे योगी। खिड़की पकड़े हुए क्यों खड़ा है? जिस प्रकार कर्जा लेने वाला खड़ा रहता है उसी प्रकार से खड़ा हुआ क्या देख रहा है। हमने तुम्हारे से कर्जा…

सेंसेजी का अभिमान खंडन भाग 1 सेंसेजी का अभिमान खंडन भाग 1 वील्हो उवाच- हे गुरुदेव! आपने मुझे अब तक जाम्भोजी के जीवन के बारे में अनेकानेक चरित्रों से अवगत करवाया। उन्नतीस नियमों का ही आपने अनेक तरीको से समझाया है। जाम्भोजी के…

जैतसी का मुकाम मन्दिर में आगमन जैतसी का मुकाम मन्दिर में आगमन विल्हो उवाच -हे गुरु देव क्या सिद्धेश्वर साक्षात विष्णु स्वरूप जाम्भोजी हम लोगो को छोड़़ कर चले गए ?क्या उनका दर्शन दुर्लभ हो गया?उन्होंने पचासी वर्षों में अनेक लौलाऐ की थी, क्या…

धर्मराज युधिष्ठिर कथा भाग 7 धर्मराज युधिष्ठिर कथा भाग 7 हे शिष्य ! धर्मराज युधिष्ठिर को उस स्थान में खड़े हुए एक मुहूर्त भी नही बीतने पाया था कि इन्द्र आदि देवता वहाँ आ पंहुचे। साक्षात् धर्म भी शरीर धारण करके युधिष्ठिर से मिलने के लिए आये। उन तेजस्वी देवताओं…

धर्मराज युधिष्ठिर कथा भाग 6 धर्मराज युधिष्ठिर कथा भाग 6 अब तो अकेले धर्मराज ही आगे बढे, सभी भाईयों ने तथा धर्मपत्नी ने साथ छोड़ दिया किन्तु वह कुत्ता अब भी पीछे पीछे चल ही रहा है। धर्मराज अब तक थोड़ी दूर आगे बढे ही थे कि सामने स्वयं देवराज…

धर्मराज युधिष्ठिर कथा भाग 5 धर्मराज युधिष्ठिर कथा भाग 5 पाण्डवों ने युद्ध पंचायती राज किया। वह राज उन्हें सुख नहीं दे सका। खून की नदियां बहाकर उनमें स्नान करने जैसा राज्य पाण्डवों को अच्छा नहीं लगा अपने प्रपौत्र अभिमन्यु के बेटे परीक्षित को राज देकर पांच पाण्डव एवं द्रौपदी…