॥ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः ॥
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भजन · आरती · मंत्र

शब्दवाणी • सबद 50 / 120

सबद 50: तइयां सासूं तइया मासूं

शब्दवाणी का सबद 50 "तइयां सासूं तइया मासूं" से शुरू होता है। इसमें 13 पंक्तियाँ हैं। नीचे गुरु जम्भेश्वर भगवान का यह सबद मूल पाठ में दिया गया है।

गुरु जम्भेश्वर भगवान की वाणी • मूल पाठ
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ओ३म् तइयां सासूं तइया मासूं, तइया देह दमोई।उत्तम मध्यम क्यूं जाणिजै, बिबरस देखो लोई।जाकै बाद विराम बिरासों, सरसा भेला चालै, ताकै भीतर छेत लकोई।जाकै बाद विराम बिरासों सांसो, सरसा भोलो भागो, ताकै मूले छेत न होई।दिल दिल आप खुदायबन्द जाग्यो, सब दिल जाग्यो सोई।जो जिंदो हज काबै जाग्यो, थल सिर जाग्यो सोई।नाम विष्णु के मुसकल घातै, ते काफर सैतानी।हिन्दू होय कर तीरथ धोकै, पिण्ड भरावै तेपण रह्या इवाणी।जोगी होय के मूंड मुंडावै, कान चिरावै, गोरख हटड़ी धोकै।तेपण रह्या इवाणी, तुरकी होय हज काबो धोकै, भूला मुसलमानों।के के पुरुष अवर जागैला, थल जाग्यो निज बाणी।जिहिं के नादे वेदे शीले शब्दे, लक्षणें अन्त न पारूं।अंजन मांही निरंजन आछै, सो गुरु लक्ष्मण कंवारूं।

शब्दवाणी का पाठ

बिश्नोई समाज में हवन के समय शब्दवाणी के सबदों का पाठ किया जाता है और हर सबद पूरा होने पर "स्वाहा" बोलकर आहुति दी जाती है। अमावस्या के व्रत, जागरण और पाहल के समय भी सबदों का पाठ होता है। अगली अमावस्या का समय बिश्नोई कैलेंडर में देखें। और पढ़ें: बिश्नोई समाज के 29 नियम • जाम्भोजी का इतिहास • जम्भेश्वर भगवान आरती

सभी सबद

शब्दवाणी: सभी सबदों की पहली पंक्ति के साथ सूची

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शब्दवाणी का सबद 50 कौन सा है?

सबद 50 की पहली पंक्ति है: ओ३म् तइयां सासूं तइया मासूं, तइया देह दमोई।

शब्दवाणी में कुल कितने सबद हैं?

शब्दवाणी में गुरु जम्भेश्वर भगवान के 120 सबद हैं। सभी सबदों की सूची शब्दवाणी पेज पर है।