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नाम अक्षर: नक्षत्र और राशि से बच्चे के नाम का पहला अक्षर

परंपरा में बच्चे के नाम का पहला अक्षर जन्म नक्षत्र के चरण से तय होता है। 27 नक्षत्रों के 4-4 चरण हैं और हर चरण का एक अक्षर है। नीचे जन्म तारीख, समय और स्थान भरें या सीधे नक्षत्र चुनें, यह टूल शुभ अक्षर बता देगा। नीचे सभी नक्षत्रों और राशियों के नाम अक्षरों की पूरी तालिका भी है।

अपडेट: 1 नवंबर 2026 • गणना: जम्भ भक्ति • पद्धति: लाहिड़ी अयनांश
इस टूल से मिलेगा
शुभ नाम अक्षर
जन्म नक्षत्र, चरण और राशि
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नाम का शुभ अक्षर जानें

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नक्षत्र अनुसार नाम अक्षर: पूरी तालिका

हर नक्षत्र के चार चरण हैं। जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र के जिस चरण में था, उसी चरण का अक्षर नाम का पहला अक्षर माना जाता है।

नक्षत्रचरण 1चरण 2चरण 3चरण 4राशि
अश्विनीचूचेचोलामेष
भरणीलीलूलेलोमेष
कृत्तिकाअईउएमेष
वृषभ
रोहिणीओवावीवूवृषभ
मृगशिरावेवोकाकीवृषभ
मिथुन
आर्द्राकुघङछमिथुन
पुनर्वसुकेकोहाहीमिथुन
कर्क
पुष्यहुहेहोडाकर्क
आश्लेषाडीडूडेडोकर्क
मघामामीमूमेसिंह
पूर्वा फाल्गुनीमोटाटीटूसिंह
उत्तरा फाल्गुनीटेटोपापीसिंह
कन्या
हस्तपूषणठकन्या
चित्रापेपोरारीकन्या
तुला
स्वातिरूरेरोतातुला
विशाखातीतूतेतोतुला
वृश्चिक
अनुराधानानीनूनेवृश्चिक
ज्येष्ठानोयायीयूवृश्चिक
मूलयेयोभाभीधनु
पूर्वाषाढ़ाभूधाफाढाधनु
उत्तराषाढ़ाभेभोजाजीधनु
मकर
श्रवणखीखूखेखोमकर
धनिष्ठागागीगूगेमकर
कुंभ
शतभिषागोसासीसूकुंभ
पूर्वा भाद्रपदसेसोदादीकुंभ
मीन
उत्तरा भाद्रपददूथझञमीन
रेवतीदेदोचाचीमीन

राशि अनुसार नाम अक्षर

हर राशि में नौ चरण आते हैं, इसलिए हर राशि के नौ अक्षर हैं। जन्म का नक्षत्र पता न हो पर राशि पता हो तो इनमें से कोई अक्षर लिया जाता है।

राशिनाम अक्षरनक्षत्र
मेषचू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अअश्विनी, भरणी, कृत्तिका
वृषभई, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वोकृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा
मिथुनका, की, कु, घ, ङ, छ, के, को, हामृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु
कर्कही, हु, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डोपुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा
सिंहमा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टेमघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी
कन्याटो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पोउत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा
तुलारा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, तेचित्रा, स्वाति, विशाखा
वृश्चिकतो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यूविशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा
धनुये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भेमूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा
मकरभो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गीउत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा
कुंभगू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दाधनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद
मीनदी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, चीपूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद, रेवती

बच्चे का नाम अक्षर से कैसे चुनें?

  1. जन्म का सही समय (अस्पताल के रिकॉर्ड से) नोट करें, क्योंकि चंद्रमा लगभग हर 6 घंटे में चरण बदलता है।
  2. ऊपर के टूल में जन्म विवरण भरकर नक्षत्र, चरण और शुभ अक्षर निकालें।
  3. उस अक्षर की ध्वनि से शुरू होने वाले नाम चुनें, जैसे “रा” से राघव या राधिका, “मा” से माधव या मानसी।
  4. नामकरण संस्कार के लिए नामकरण मुहूर्त 2027 से शुभ दिन चुनें। परंपरा में यह जन्म के 11वें या 12वें दिन भी किया जाता है।

जन्म नाम और पुकारने का नाम

नक्षत्र के अक्षर से रखा गया नाम जन्म नाम या राशि नाम कहलाता है। परंपरा में पूजा, संकल्प और मिलान में यही नाम लिया जाता है। कई परिवार जन्म नाम नक्षत्र अक्षर से रखते हैं और रोज़ पुकारने के लिए अपनी पसंद का दूसरा नाम रख लेते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नक्षत्र से नाम का अक्षर कैसे निकालते हैं?

जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र और चरण में होता है, उस चरण का तय अक्षर नाम का पहला अक्षर माना जाता है। जैसे अश्विनी के चार चरणों के अक्षर चू, चे, चो, ला हैं।

रोहिणी नक्षत्र के नाम अक्षर क्या हैं?

रोहिणी नक्षत्र के नाम अक्षर ओ, वा, वी, वू हैं। पहले चरण का ओ, दूसरे का वा, तीसरे का वी और चौथे का वू।

जन्म समय पता न हो तो नाम अक्षर कैसे जानें?

तारीख डालने पर टूल दोपहर 12 बजे का समय मानकर नक्षत्र बताता है। उस दिन नक्षत्र या चरण बदला हो तो अक्षर अलग हो सकता है, इसलिए नक्षत्र के चारों अक्षर देखें या राशि के अक्षर लें।

ङ, ञ, ण, थ, झ जैसे अक्षरों से नाम कैसे रखें?

ऐसे अक्षरों से शुरू होने वाले नाम लगभग नहीं होते, इसलिए परिवार उसी नक्षत्र या राशि का दूसरा अक्षर चुन लेते हैं, जैसे आर्द्रा के लिए कु, घ या छ।

राशि अक्षर और नक्षत्र अक्षर में क्या फर्क है?

नक्षत्र अक्षर जन्म के चरण से तय एक ही अक्षर है। राशि अक्षर उस राशि के सभी नौ चरणों के अक्षर हैं। नक्षत्र अक्षर ज़्यादा सटीक माना जाता है।

क्या लड़के और लड़की के नाम अक्षर अलग होते हैं?

नहीं। नाम अक्षर केवल जन्म नक्षत्र और चरण पर निर्भर है, लड़के और लड़की दोनों के लिए एक जैसे हैं।

अगर पसंद का नाम अक्षर से मेल न खाए तो?

कई परिवार पूजा-पाठ के लिए नक्षत्र अक्षर से जन्म नाम रखते हैं और पुकारने का नाम अपनी पसंद से रखते हैं। यह पूरी तरह परिवार की आस्था और पसंद पर है।

अभिजीत नक्षत्र का नाम अक्षर क्या है?

कुछ परंपराओं में 28वाँ नक्षत्र अभिजीत भी माना जाता है, जिसके अक्षर जू, जे, जो, खा बताए जाते हैं। यह टूल प्रचलित 27 नक्षत्रों की पद्धति से अक्षर बताता है।

नामकरण संस्कार कब करना चाहिए?

परंपरा में नामकरण जन्म के 11वें या 12वें दिन, या बाद में किसी शुभ दिन किया जाता है। 2027 की शुभ तारीखों के लिए नामकरण मुहूर्त 2027 देखें।

नाम अक्षर कैसे निकाला जाता है? ग्रहों की स्थिति खुले स्रोत (MIT लाइसेंस) की खगोलीय गणना लाइब्रेरी Astronomy Engine से आपके ब्राउज़र में ही निकाली जाती है। हमने इसे दूसरी एफ़ेमेरिस (PyEphem) से जाँचा है: ग्रहों और लग्न में अंतर 0.01 अंश से कम रहा। निरयण स्थिति के लिए लाहिड़ी (चित्रापक्ष) अयनांश लिया गया है। चंद्रमा की निरयण स्थिति से नक्षत्र (13 अंश 20 कला) और चरण (3 अंश 20 कला) निकाला जाता है, और हर चरण का अक्षर प्रचलित अवकहड़ा चक्र से लिया गया है। कुछ पंचांगों में एक-दो अक्षरों की वर्तनी थोड़ी अलग मिल सकती है। कोई गलती दिखे तो हमें बताएँ।

यह भी देखें