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व्रत कैलेंडर • नवंबर 2026 से दिसंबर 2027

प्रदोष व्रत 2027 लिस्ट: सभी प्रदोष की तारीख और पूजा का समय

नवंबर 2026 से दिसंबर 2027 तक कुल 29 प्रदोष व्रत हैं, जिनमें से 25 प्रदोष 2027 में हैं। नीचे हर प्रदोष व्रत की तारीख, वार के हिसाब से नाम (जैसे सोम प्रदोष, शनि प्रदोष), शिव पूजा के लिए प्रदोष काल का शुरू और खत्म होने का समय और त्रयोदशी तिथि का समय दिया है।

अपडेट: 31 अक्टूबर 2026 • गणना: जम्भ भक्ति • समय: नई दिल्ली (IST)
अगला प्रदोष व्रत
6 नवंबर 2026, शुक्रवार
शुक्र प्रदोष व्रत
पूजा का समय शाम 5:32 से रात 8:09 तक
नीचे पूरी लिस्ट
29प्रदोष व्रत, नवंबर 2026 से दिसंबर 2027
25प्रदोष व्रत 2027 में
5शनि प्रदोष 2027 में
~2.5 घंटेसूर्यास्त के बाद प्रदोष काल
साल चुनें:20262027

प्रदोष व्रत लिस्ट 2026

तारीखप्रदोष व्रतप्रदोष काल (पूजा का समय)
नवंबर 2026
6नवंशुक्रवार
नवंबर 2026
शुक्र प्रदोषकार्तिक कृष्ण पक्ष
पूजा का समय: शाम 5:32 से रात 8:09 तकत्रयोदशी: 6 नवंबर, सुबह 10:31 से 7 नवंबर, सुबह 10:49 तक
22नवंरविवार
नवंबर 2026
रवि प्रदोषकार्तिक शुक्ल पक्ष
पूजा का समय: शाम 5:25 से रात 8:06 तकत्रयोदशी: 22 नवंबर, सुबह 4:57 से 23 नवंबर, देर रात 2:38 तक
दिसंबर 2026
6दिसंरविवार
दिसंबर 2026
रवि प्रदोषमार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष
पूजा का समय: शाम 5:24 से रात 8:07 तकत्रयोदशी: 6 दिसंबर, देर रात 12:53 से 7 दिसंबर, देर रात 2:23 तक
21दिसंसोमवार
दिसंबर 2026
सोम प्रदोषमार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष
पूजा का समय: शाम 5:29 से रात 8:13 तकत्रयोदशी: 21 दिसंबर, शाम 5:37 से 22 दिसंबर, दोपहर 2:24 तक

प्रदोष व्रत लिस्ट 2027

तारीखप्रदोष व्रतप्रदोष काल (पूजा का समय)
जनवरी 2027
5जनमंगलवार
जनवरी 2027
भौम प्रदोषपौष कृष्ण पक्ष
पूजा का समय: शाम 5:38 से रात 8:21 तकत्रयोदशी: 4 जनवरी, शाम 6:16 से 5 जनवरी, रात 8:40 तक
20जनबुधवार
जनवरी 2027
बुध प्रदोषपौष शुक्ल पक्ष
पूजा का समय: शाम 5:50 से रात 8:31 तकत्रयोदशी: 20 जनवरी, सुबह 4:42 से 21 जनवरी, देर रात 1:12 तक
फ़रवरी 2027
3फ़रबुधवार
फ़रवरी 2027
बुध प्रदोषमाघ कृष्ण पक्ष
पूजा का समय: शाम 6:02 से रात 8:39 तकत्रयोदशी: 3 फ़रवरी, दोपहर 1:51 से 4 फ़रवरी, शाम 4:32 तक
18फ़रगुरुवार
फ़रवरी 2027
गुरु प्रदोषमाघ शुक्ल पक्ष
पूजा का समय: शाम 6:13 से रात 8:46 तकत्रयोदशी: 18 फ़रवरी, दोपहर 2:28 से 19 फ़रवरी, सुबह 11:15 तक
मार्च 2027
5मार्चशुक्रवार
मार्च 2027
शुक्र प्रदोषफाल्गुन कृष्ण पक्ष
पूजा का समय: शाम 6:23 से रात 8:51 तकत्रयोदशी: 5 मार्च, सुबह 9:55 से 6 मार्च, दोपहर 12:04 तक
20मार्चशनिवार
मार्च 2027
शनि प्रदोषफाल्गुन शुक्ल पक्ष
पूजा का समय: शाम 6:32 से रात 8:46 तकत्रयोदशी: 19 मार्च, रात 11:18 से 20 मार्च, रात 8:46 तक
अप्रैल 2027
4अप्रैरविवार
अप्रैल 2027
रवि प्रदोषचैत्र कृष्ण पक्ष
पूजा का समय: शाम 6:40 से रात 8:58 तकत्रयोदशी: 4 अप्रैल, सुबह 4:27 से 5 अप्रैल, सुबह 5:24 तक
18अप्रैरविवार
अप्रैल 2027
रवि प्रदोषचैत्र शुक्ल पक्ष
पूजा का समय: शाम 6:48 से रात 9:01 तकत्रयोदशी: 18 अप्रैल, सुबह 7:43 से 19 अप्रैल, सुबह 6:09 तक
मई 2027
3मईसोमवार
मई 2027
सोम प्रदोषवैशाख कृष्ण पक्ष
पूजा का समय: शाम 6:57 से रात 9:05 तकत्रयोदशी: 3 मई, रात 8:05 से 4 मई, शाम 7:31 तक
17मईसोमवार
मई 2027
सोम प्रदोषवैशाख शुक्ल पक्ष
पूजा का समय: शाम 7:06 से रात 9:10 तकत्रयोदशी: 17 मई, शाम 4:29 से 18 मई, शाम 4:04 तक
जून 2027
2जूनबुधवार
जून 2027
बुध प्रदोषज्येष्ठ कृष्ण पक्ष
पूजा का समय: शाम 7:15 से रात 9:16 तकत्रयोदशी: 2 जून, सुबह 8:29 से 3 जून, सुबह 6:35 तक
16जूनबुधवार
जून 2027
बुध प्रदोषज्येष्ठ शुक्ल पक्ष
पूजा का समय: शाम 7:20 से रात 9:21 तकत्रयोदशी: 16 जून, देर रात 2:31 से 17 जून, देर रात 3:21 तक
जुलाई 2027
1जुलागुरुवार
जुलाई 2027
गुरु प्रदोषआषाढ़ कृष्ण पक्ष
पूजा का समय: शाम 7:23 से रात 9:24 तकत्रयोदशी: 1 जुलाई, शाम 6:15 से 2 जुलाई, दोपहर 3:24 तक
15जुलागुरुवार
जुलाई 2027
गुरु प्रदोषआषाढ़ शुक्ल पक्ष
पूजा का समय: शाम 7:21 से रात 9:23 तकत्रयोदशी: 15 जुलाई, दोपहर 2:41 से 16 जुलाई, शाम 4:36 तक
31जुलाशनिवार
जुलाई 2027
शनि प्रदोषश्रावण कृष्ण पक्ष
पूजा का समय: शाम 7:13 से रात 9:19 तकत्रयोदशी: 31 जुलाई, देर रात 2:19 से 31 जुलाई, रात 10:58 तक
अगस्त 2027
14अगशनिवार
अगस्त 2027
शनि प्रदोषश्रावण शुक्ल पक्ष
पूजा का समय: शाम 7:02 से रात 9:11 तकत्रयोदशी: 14 अगस्त, सुबह 5:22 से 15 अगस्त, सुबह 7:54 तक
29अगरविवार
अगस्त 2027
रवि प्रदोषभाद्रपद कृष्ण पक्ष
पूजा का समय: शाम 6:46 से रात 9:00 तकत्रयोदशी: 29 अगस्त, सुबह 9:36 से 30 अगस्त, सुबह 6:13 तक
सितंबर 2027
13सितसोमवार
सितंबर 2027
सोम प्रदोषभाद्रपद शुक्ल पक्ष
पूजा का समय: शाम 6:29 से रात 8:48 तकत्रयोदशी: 12 सितंबर, रात 10:14 से 14 सितंबर, देर रात 12:40 तक
27सितसोमवार
सितंबर 2027
सोम प्रदोषआश्विन कृष्ण पक्ष
पूजा का समय: शाम 6:12 से रात 8:36 तकत्रयोदशी: 27 सितंबर, शाम 4:56 से 28 सितंबर, दोपहर 1:55 तक
अक्टूबर 2027
12अक्टूमंगलवार
अक्टूबर 2027
भौम प्रदोषआश्विन शुक्ल पक्ष
पूजा का समय: शाम 5:55 से रात 8:24 तकत्रयोदशी: 12 अक्टूबर, शाम 4:14 से 13 अक्टूबर, शाम 5:49 तक
27अक्टूबुधवार
अक्टूबर 2027
बुध प्रदोषकार्तिक कृष्ण पक्ष
पूजा का समय: शाम 5:40 से रात 8:14 तकत्रयोदशी: 27 अक्टूबर, देर रात 1:04 से 27 अक्टूबर, रात 10:50 तक
नवंबर 2027
11नवंगुरुवार
नवंबर 2027
गुरु प्रदोषकार्तिक शुक्ल पक्ष
पूजा का समय: शाम 5:29 से रात 8:08 तकत्रयोदशी: 11 नवंबर, सुबह 10:08 से 12 नवंबर, सुबह 10:22 तक
25नवंगुरुवार
नवंबर 2027
गुरु प्रदोषमार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष
पूजा का समय: शाम 5:24 से रात 8:06 तकत्रयोदशी: 25 नवंबर, सुबह 10:52 से 26 नवंबर, सुबह 9:48 तक
दिसंबर 2027
11दिसंशनिवार
दिसंबर 2027
शनि प्रदोषमार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष
पूजा का समय: शाम 5:25 से रात 8:08 तकत्रयोदशी: 11 दिसंबर, देर रात 2:54 से 12 दिसंबर, देर रात 1:43 तक
25दिसंशनिवार
दिसंबर 2027
शनि प्रदोषपौष कृष्ण पक्ष
पूजा का समय: शाम 5:31 से रात 8:15 तकत्रयोदशी: 24 दिसंबर, रात 11:09 से 25 दिसंबर, रात 11:32 तक

प्रदोष काल क्या है और पूजा कब करें?

प्रदोष काल सूर्यास्त से शुरू होता है और रात के पहले पाँचवें हिस्से तक रहता है, यानी लगभग ढाई घंटे। भगवान शिव की पूजा इसी समय में की जाती है। प्रदोष व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि हो, इसलिए कभी-कभी व्रत की तारीख सूर्योदय वाली त्रयोदशी से एक दिन पहले भी पड़ती है।

अगर त्रयोदशी प्रदोष काल के बीच में ही खत्म हो जाए, तो पूजा उसके खत्म होने से पहले कर लेनी चाहिए। जैसे शनि प्रदोष (20 मार्च) को प्रदोष काल शाम 6:32 से है, पर त्रयोदशी रात 8:46 तक ही है, इसलिए पूजा का समय शाम 6:32 से रात 8:46 तक है।

वार के अनुसार प्रदोष व्रत 2027

प्रदोष जिस वार को पड़ता है, उसी के नाम से जाना जाता है और हर वार की अपनी व्रत कथा है।

प्रदोषवार2027 की तारीखें
सोम प्रदोषसोमवार3 मई, 17 मई, 13 सितंबर, 27 सितंबर
भौम प्रदोषमंगलवार5 जनवरी, 12 अक्टूबर
बुध प्रदोषबुधवार20 जनवरी, 3 फ़रवरी, 2 जून, 16 जून, 27 अक्टूबर
गुरु प्रदोषगुरुवार18 फ़रवरी, 1 जुलाई, 15 जुलाई, 11 नवंबर, 25 नवंबर
शुक्र प्रदोषशुक्रवार5 मार्च
शनि प्रदोषशनिवार20 मार्च, 31 जुलाई, 14 अगस्त, 11 दिसंबर, 25 दिसंबर
रवि प्रदोषरविवार4 अप्रैल, 18 अप्रैल, 29 अगस्त

प्रदोष व्रत कैसे करें?

  1. सुबह स्नान करके भगवान शिव के सामने व्रत का संकल्प लें।
  2. दिन भर फलाहार या एक समय सात्विक भोजन करें।
  3. शाम को सूर्यास्त से पहले दोबारा स्नान करें या हाथ-पैर धोकर पूजा की तैयारी करें।
  4. प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और सफेद फूल चढ़ाएँ और “ॐ नमः शिवाय” का जप करें।
  5. उस वार की प्रदोष व्रत कथा पढ़ें और शिवजी की आरती करें।
  6. प्रसाद बाँटकर व्रत पूरा करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2027 में कितने प्रदोष व्रत हैं?

2027 में कुल 25 प्रदोष व्रत हैं। हर महीने के दोनों पक्षों की त्रयोदशी को एक-एक प्रदोष आता है।

अगला प्रदोष व्रत कब है?

31 अक्टूबर 2026 के बाद अगला प्रदोष शुक्र प्रदोष व्रत 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को है। पूजा का समय शाम 5:32 से रात 8:09 तक है। ऊपर का बॉक्स रोज़ अपने आप अगला प्रदोष दिखाता है।

प्रदोष काल कितने बजे से कितने बजे तक होता है?

प्रदोष काल सूर्यास्त से शुरू होकर लगभग ढाई घंटे तक रहता है। सर्दियों में यह शाम लगभग 5:30 से और गर्मियों में शाम लगभग 7:00 से शुरू होता है। हर प्रदोष का सही समय लिस्ट में दिया है।

शनि प्रदोष 2027 कब-कब है?

2027 में शनि प्रदोष 5 बार है: 20 मार्च 2027, शनिवार, 31 जुलाई 2027, शनिवार, 14 अगस्त 2027, शनिवार, 11 दिसंबर 2027, शनिवार, 25 दिसंबर 2027, शनिवार।

सोम प्रदोष 2027 कब-कब है?

2027 में सोम प्रदोष 4 बार है: 3 मई 2027, सोमवार, 17 मई 2027, सोमवार, 13 सितंबर 2027, सोमवार, 27 सितंबर 2027, सोमवार।

प्रदोष व्रत किस भगवान का होता है?

प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इसकी पूजा शाम के प्रदोष काल में की जाती है।

प्रदोष व्रत में क्या खाएँ?

प्रदोष व्रत में दिन भर फल, दूध और फलाहार लिया जा सकता है। कई लोग पूजा के बाद शाम को एक समय सात्विक भोजन करते हैं।

त्रयोदशी अगले दिन सुबह तक हो तो प्रदोष व्रत किस दिन रखें?

प्रदोष व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन शाम के प्रदोष काल में त्रयोदशी हो। इसलिए सूर्योदय वाली त्रयोदशी से पहले वाले दिन भी व्रत पड़ सकता है।

इस लिस्ट का समय किस शहर का है?

सभी समय नई दिल्ली (भारतीय समय) के हैं। सूर्यास्त हर शहर में अलग होता है, इसलिए अपने शहर के सूर्यास्त से प्रदोष काल शुरू मानें।

ये तारीखें कैसे निकाली गईं? जम्भ भक्ति किसी दूसरी वेबसाइट से तारीखें कॉपी नहीं करता। सूर्य और चंद्रमा की स्थिति खगोलीय गणित (एफ़ेमेरिस) से निकालकर हर तिथि का शुरू और खत्म होने का समय नई दिल्ली के लिए निकाला गया है, और उसके बाद धर्मशास्त्र के नियमों से व्रत का दिन तय किया गया है। प्रदोष व्रत का दिन प्रदोष काल में त्रयोदशी के नियम से और प्रदोष काल सूर्यास्त से रात के पहले पाँचवें हिस्से तक निकाला गया है। 2027 की पूरी सूची को प्रचलित पंचांगों से मिलाकर जाँचा गया है, जिनमें समय का अंतर आमतौर पर 1-2 मिनट का है। आपके शहर में सूर्योदय अलग होने से समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है, इसलिए अपने क्षेत्र की परंपरा और स्थानीय पंचांग से भी मिला लें। कोई गलती दिखे तो हमें बताएँ।

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