
भगवान राम के राजतिलक में निमंत्रण से छूटे भगवान चित्रगुप्त (Ram Ke Rajtilak Me Nimantran Se Chhute Bhagwan Chitragupt)
कहते है, जब भगवान राम दशानन रावण को मार कर अयोध्या लौट
भगवान श्री राम और माता सीता के भजन, आरती, स्तुति और मंत्र हिंदी लिरिक्स में।

कहते है, जब भगवान राम दशानन रावण को मार कर अयोध्या लौट

सीता नवमी / सीता जयंती की पौराणिक कथा : पौराणिक कथा के

विनियोग: अस्य श्रीरामरक्षास्त्रोतमन्त्रस्य बुधकौशिक ऋषिः । श्री सीतारामचंद्रो देवता । अनुष्टुप छंदः।

आत्मा रामा आनंद रमना आत्मा रामा आनंद रमना अच्युत केशव हरि नारायण

॥ श्रीसीताष्टोत्तरशतनामावली ॥ ॥ अथ श्रीमदानन्दरामायणान्तर्गत श्री सीताष्टोत्तरशतनामावलिः ॥ ॐ सीतायै नमः

सीता कल्याण वैभोगमे राम कल्याण वैभोगमे पवनज स्तुति पात्र पावन चरित्र रवि

राम राम राम राम नाम तारकम् राम कृष्ण वासुदेव भक्ति मुक्ति दायकम्

राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे । सहस्रनाम तत्तुल्यं, रामनाम वरानने ॥

जानकि त्वां नमस्यामि सर्वपापप्रणाशिनीम् जानकि त्वां नमस्यामि सर्वपापप्रणाशिनीम् ॥१॥ दारिद्र्यरणसंहर्त्रीं भक्तानाभिष्टदायिनीम् ।

॥ दोहा ॥ आदौ राम तपोवनादि गमनं हत्वाह् मृगा काञ्चनं वैदेही हरणं

अखंड रामायण, सुंदरकांड पाठ, रामायण पाठ, विजयादशमी, राम नवमी, सीता विवाह, सीता

ये माया तेरी, बहुत कठिन है राम रक्त माँस हङ्ङी के ढेर

मंदिर-मंदिर जाकर प्राणी, ढूंढ रहा भगवान, कण-कण में है राम समाया, जान

राम को देख कर के जनक नंदिनी, बाग में वो खड़ी की

श्री राम धुन में मन तू, जब तक मगन ना होगा, भव

राम तुम बड़े दयालु हो, नाथ तुम बड़े दयालु हो, हरी जी

श्री अत्रि मुनि द्वारा रचित श्रीराम-स्तुति रामायण के अरण्यकाण्ड से संबंधित है।

राम रस बरस्यो री, आज म्हारे आंगन में । जाग गये सब

राम बिना नर ऐसे जैसे, अश्व लगाम बिना । जल जाये जिह्वा

राम भजा सो जीता जग में, राम भजा सो जीता रे। हृदय