॥ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः ॥
Jambh Bhakti (जम्भ भक्ति) logo

भजन · आरती · मंत्र

होम › ज्योतिष › 27 नक्षत्र
नक्षत्र ज्ञान • आज का नक्षत्र लाइव

27 नक्षत्र: नाम, स्वामी, देवता, राशि और नाम अक्षर

आकाश के 27 बराबर हिस्सों को नक्षत्र कहते हैं, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में हो वही जन्म नक्षत्र है, और उसके चरण से नाम का पहला अक्षर निकलता है।

जम्भ भक्ति ज्योतिष • लाहिड़ी अयनांश • अपनी गणना

आज का नक्षत्र (7 नवंबर 2026, शनिवार)

आज का नक्षत्रचित्रा (8 नवंबर, सुबह 5:52 तक)
इसके बादस्वाति
चंद्र राशिकन्या

नई दिल्ली के अनुसार। नक्षत्र पूरे भारत में एक ही पल बदलता है।

27 नक्षत्रों की सूची: स्वामी, देवता, गण और नाम अक्षर

नक्षत्रराशि (चरण)स्वामी ग्रहदेवताप्रतीकगणनाड़ीयोनिनाम अक्षर (चरण 1-4)
1. अश्विनीमेषकेतुअश्विनी कुमारघोड़े का सिरदेवआदिअश्वचू, चे, चो, ला
2. भरणीमेषशुक्रयमयोनिमनुष्यमध्यगजली, लू, ले, लो
3. कृत्तिकामेष (1), वृषभ (2-4)सूर्यअग्निछुरा या अग्नि-शिखाराक्षसअंत्यमेष (भेड़)अ, ई, उ, ए
4. रोहिणीवृषभचंद्रब्रह्मा (प्रजापति)रथमनुष्यअंत्यसर्पओ, वा, वी, वू
5. मृगशिरावृषभ (1-2), मिथुन (3-4)मंगलचंद्र (सोम)हिरण का सिरदेवमध्यसर्पवे, वो, का, की
6. आर्द्रामिथुनराहुरुद्रआँसू की बूँदमनुष्यआदिश्वानकु, घ, ङ, छ
7. पुनर्वसुमिथुन (1-3), कर्क (4)गुरु (बृहस्पति)अदितितरकशदेवआदिमार्जारके, को, हा, ही
8. पुष्यकर्कशनिबृहस्पतिगाय का थनदेवमध्यमेष (भेड़)हु, हे, हो, डा
9. आश्लेषाकर्कबुधसर्प (नाग)कुंडली मारे सर्पराक्षसअंत्यमार्जारडी, डू, डे, डो
10. मघासिंहकेतुपितरराजसिंहासनराक्षसअंत्यमूषकमा, मी, मू, मे
11. पूर्वा फाल्गुनीसिंहशुक्रभगपलंग के आगे के पायेमनुष्यमध्यमूषकमो, टा, टी, टू
12. उत्तरा फाल्गुनीसिंह (1), कन्या (2-4)सूर्यअर्यमापलंग के पीछे के पायेमनुष्यआदिगौटे, टो, पा, पी
13. हस्तकन्याचंद्रसविता (सूर्य)हाथदेवआदिमहिषपू, ष, ण, ठ
14. चित्राकन्या (1-2), तुला (3-4)मंगलविश्वकर्मा (त्वष्टा)चमकता मोतीराक्षसमध्यव्याघ्रपे, पो, रा, री
15. स्वातितुलाराहुवायुहवा में अंकुरदेवअंत्यमहिषरू, रे, रो, ता
16. विशाखातुला (1-3), वृश्चिक (4)गुरु (बृहस्पति)इंद्र और अग्नितोरण द्वारराक्षसअंत्यव्याघ्रती, तू, ते, तो
17. अनुराधावृश्चिकशनिमित्रकमलदेवमध्यमृगना, नी, नू, ने
18. ज्येष्ठावृश्चिकबुधइंद्रकुंडलराक्षसआदिमृगनो, या, यी, यू
19. मूलधनुकेतुनिर्ऋतिजड़ों का गुच्छाराक्षसआदिश्वानये, यो, भा, भी
20. पूर्वाषाढ़ाधनुशुक्रआपः (जल)हाथ का पंखामनुष्यमध्यवानरभू, धा, फा, ढा
21. उत्तराषाढ़ाधनु (1), मकर (2-4)सूर्यविश्वेदेवहाथी दाँतमनुष्यअंत्यनकुलभे, भो, जा, जी
22. श्रवणमकरचंद्रविष्णुकानदेवअंत्यवानरखी, खू, खे, खो
23. धनिष्ठामकर (1-2), कुंभ (3-4)मंगलअष्ट वसुमृदंगराक्षसमध्यसिंहगा, गी, गू, गे
24. शतभिषाकुंभराहुवरुणखाली वृत्तराक्षसआदिअश्वगो, सा, सी, सू
25. पूर्वा भाद्रपदकुंभ (1-3), मीन (4)गुरु (बृहस्पति)अजैकपाददो मुख वाला व्यक्तिमनुष्यआदिसिंहसे, सो, दा, दी
26. उत्तरा भाद्रपदमीनशनिअहिर्बुध्न्यजल-सर्पमनुष्यमध्यगौदू, थ, झ, ञ
27. रेवतीमीनबुधपूषामछलीदेवअंत्यगजदे, दो, चा, ची

राशि वाले कॉलम में कोष्ठक की संख्या बताती है कि नक्षत्र के कौन से चरण उस राशि में हैं। गण, नाड़ी और योनि का उपयोग कुंडली मिलान (गुण मिलान) में होता है।

नक्षत्र के चरण और नाम का पहला अक्षर

हर नक्षत्र 13°20′ का होता है और उसके 4 चरण (पद) होते हैं, हर चरण 3°20′ का। जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र के जिस चरण में हो, उसी चरण का अक्षर नाम का पहला अक्षर माना जाता है। जैसे अश्विनी के पहले चरण में जन्म हो तो नाम "चू" से। अपना जन्म नक्षत्र और अक्षर नाम अक्षर टूल से तुरंत निकालें।

गंडमूल और पंचक के नक्षत्र

गंडमूल नक्षत्र (6): अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल और रेवती। इनमें जन्म होने पर परंपरा में गंडमूल शांति कराई जाती है।

पंचक: जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में रहता है, यानी धनिष्ठा के आखिरी दो चरण, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र में, तब पंचक लगता है। पंचक लगभग 5 दिन का होता है।

नक्षत्र और विंशोत्तरी दशा

जन्म नक्षत्र के स्वामी ग्रह से ही विंशोत्तरी महादशा शुरू होती है। स्वामियों का क्रम हर 9 नक्षत्रों पर दोहराता है: केतु (7 वर्ष) → शुक्र (20 वर्ष) → सूर्य (6 वर्ष) → चंद्र (10 वर्ष) → मंगल (7 वर्ष) → राहु (18 वर्ष) → गुरु (बृहस्पति) (16 वर्ष) → शनि (19 वर्ष) → बुध (17 वर्ष)। कुल 120 वर्ष। अपनी महादशा जन्म कुंडली में देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कुल कितने नक्षत्र होते हैं?

ज्योतिष में 27 नक्षत्र माने जाते हैं, अश्विनी से रेवती तक। मुहूर्त में कभी-कभी अभिजीत को 28वाँ नक्षत्र भी गिना जाता है।

मेरा जन्म नक्षत्र कैसे पता करें?

जन्म तारीख, समय और स्थान से जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति निकाली जाती है। हमारे नाम अक्षर टूल या कुंडली टूल में यह मुफ़्त निकलता है।

गंडमूल नक्षत्र कौन से हैं?

अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल और रेवती, ये 6 गंडमूल नक्षत्र हैं।

नक्षत्रों का राजा कौन सा है?

परंपरा में पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है और इसे खरीदारी व शुभ कामों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।

आज कौन सा नक्षत्र है?

आज (7 नवंबर 2026, शनिवार) चित्रा नक्षत्र 8 नवंबर, सुबह 5:52 तक है (नई दिल्ली)।

यह भी देखें

आज का पंचांगतिथि, नक्षत्र, योग, करणराहु कालयमगंड और गुलिक भीचौघड़ियादिन और रात काशुभ मुहूर्तअभिजीत और ब्रह्म मुहूर्तआज की तिथिहिंदू माह और व्रतएकादशी लिस्ट 2027तारीख और पारणअमावस्या लिस्ट 2027तारीख और समयपूर्णिमा लिस्ट 2027व्रत और स्नान-दानप्रदोष व्रत लिस्ट 2027पूजा का समयहिंदू कैलेंडर 2027सभी व्रत-त्योहारग्रहण 2027सूर्य-चंद्र ग्रहण और सूतकसंकष्टी चतुर्थी 2027तारीख और चंद्रोदयमासिक शिवरात्रि 2027महाशिवरात्रि भीपंचक 2027कब से कब तकभद्रा 2027शुरू और खत्म का समयसंक्रांति 2027मकर संक्रांति और खरमासग्रह गोचर 2027शनि, गुरु, राहु और साढ़ेसातीशुभ मुहूर्त 2027विवाह, गृह प्रवेश, वाहन, संपत्तिविवाह मुहूर्त 2027शादी की शुभ तारीखगृह प्रवेश मुहूर्त 2027नए घर की शुभ तारीखजन्म कुंडलीलग्न, ग्रह, भाव और महादशाकुंडली मिलान36 गुण, नाड़ी और भकूट दोषमांगलिक दोषमंगल किस भाव में, परिहारनाम अक्षरनक्षत्र और राशि से पहला अक्षर