मुकाम मेला: तारीख, फाल्गुन और आसोज अमावस्या
अगला मुकाम मेला 8 मार्च 2027, सोमवार को है (फाल्गुन अमावस्या मेला)। स्थान: मुकाम (नोखा, बीकानेर)। अमावस्या 7 मार्च, रविवार, दोपहर 1:47 से 8 मार्च, सोमवार, दोपहर 3:00 तक रहेगी।
मुकाम मेला की तारीखें (2026 से 2036)
| तारीख | तिथि | संवत | अमावस्या का समय |
|---|---|---|---|
| 8 मार्च 2027, सोमवार | फाल्गुन अमावस्या मेला | वि.सं. 2083 | 7 मार्च, रविवार, दोपहर 1:47 से 8 मार्च, सोमवार, दोपहर 3:00 |
| 29 सितंबर 2027, बुधवार | आसोज अमावस्या मेला | वि.सं. 2084 | 29 सितंबर, बुधवार, सुबह 10:56 से 30 सितंबर, गुरुवार, सुबह 8:06 |
| 25 फ़रवरी 2028, शुक्रवार | फाल्गुन अमावस्या मेला | वि.सं. 2084 | 24 फ़रवरी, गुरुवार, दोपहर 1:27 से 25 फ़रवरी, शुक्रवार, शाम 4:08 |
| 18 सितंबर 2028, सोमवार | आसोज अमावस्या मेला | वि.सं. 2085 | 18 सितंबर, सोमवार, देर रात 3:47 से 18 सितंबर, सोमवार, रात 11:54 |
| 13 फ़रवरी 2029, मंगलवार | फाल्गुन अमावस्या मेला | वि.सं. 2085 | 12 फ़रवरी, सोमवार, दोपहर 2:35 से 13 फ़रवरी, मंगलवार, शाम 4:02 |
| 7 अक्टूबर 2029, रविवार | आसोज अमावस्या मेला | वि.सं. 2086 | 7 अक्टूबर, रविवार, सुबह 4:27 से 8 अक्टूबर, सोमवार, देर रात 12:45 |
| 3 मार्च 2030, रविवार | फाल्गुन अमावस्या मेला | वि.सं. 2086 | 3 मार्च, रविवार, दोपहर 12:02 से 4 मार्च, सोमवार, दोपहर 12:05 |
| 27 सितंबर 2030, शुक्रवार | आसोज अमावस्या मेला | वि.सं. 2087 | 26 सितंबर, गुरुवार, शाम 5:16 से 27 सितंबर, शुक्रवार, दोपहर 3:25 |
| 21 फ़रवरी 2031, शुक्रवार | फाल्गुन अमावस्या मेला | वि.सं. 2087 | 20 फ़रवरी, गुरुवार, रात 11:55 से 21 फ़रवरी, शुक्रवार, रात 9:19 |
| 16 अक्टूबर 2031, गुरुवार | आसोज अमावस्या मेला | वि.सं. 2088 | 15 अक्टूबर, बुधवार, दोपहर 2:14 से 16 अक्टूबर, गुरुवार, दोपहर 1:51 |
| 11 मार्च 2032, गुरुवार | फाल्गुन अमावस्या मेला | वि.सं. 2088 | 11 मार्च, गुरुवार, देर रात 1:20 से 11 मार्च, गुरुवार, रात 9:55 |
| 4 अक्टूबर 2032, सोमवार | आसोज अमावस्या मेला | वि.सं. 2089 | 3 अक्टूबर, रविवार, शाम 4:51 से 4 अक्टूबर, सोमवार, शाम 6:56 |
| 1 मार्च 2033, मंगलवार | फाल्गुन अमावस्या मेला | वि.सं. 2089 | 28 फ़रवरी, सोमवार, शाम 5:37 से 1 मार्च, मंगलवार, दोपहर 1:53 |
| 23 सितंबर 2033, शुक्रवार | आसोज अमावस्या मेला | वि.सं. 2090 | 22 सितंबर, गुरुवार, शाम 4:44 से 23 सितंबर, शुक्रवार, शाम 7:10 |
| 18 फ़रवरी 2034, शनिवार | फाल्गुन अमावस्या मेला | वि.सं. 2090 | 18 फ़रवरी, शनिवार, सुबह 6:44 से 19 फ़रवरी, रविवार, सुबह 4:40 |
| 11 अक्टूबर 2034, बुधवार | आसोज अमावस्या मेला | वि.सं. 2091 | 11 अक्टूबर, बुधवार, सुबह 11:23 से 12 अक्टूबर, गुरुवार, दोपहर 1:03 |
| 9 मार्च 2035, शुक्रवार | फाल्गुन अमावस्या मेला | वि.सं. 2091 | 9 मार्च, शुक्रवार, सुबह 5:23 से 10 मार्च, शनिवार, सुबह 4:39 |
| 1 अक्टूबर 2035, सोमवार | आसोज अमावस्या मेला | वि.सं. 2092 | 30 सितंबर, रविवार, शाम 7:38 से 1 अक्टूबर, सोमवार, शाम 6:37 |
| 26 फ़रवरी 2036, मंगलवार | फाल्गुन अमावस्या मेला | वि.सं. 2092 | 26 फ़रवरी, मंगलवार, सुबह 8:35 से 27 फ़रवरी, बुधवार, सुबह 10:29 |
| 19 सितंबर 2036, शुक्रवार | आसोज अमावस्या मेला | वि.सं. 2093 | 19 सितंबर, शुक्रवार, सुबह 10:37 से 20 सितंबर, शनिवार, सुबह 7:21 |
तारीखें जम्भ भक्ति की अपनी खगोलीय गणना से हैं। अमावस्या वाले मेले उस दिन माने गए हैं जिस दिन सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच ज़्यादा समय अमावस्या रहे (बीकानेर के अनुसार)। अमावस्या का व्रत लगने के समय से उतरने के समय तक रखा जाता है। आयोजक समिति से भी पुष्टि कर लें।
मुकाम मेला का महत्व
मुकाम (मुक्तिधाम) बीकानेर ज़िले की नोखा तहसील में है, जहाँ गुरु जम्भेश्वर भगवान की समाधि है। साल में दो बार, फाल्गुन अमावस्या और आसोज (आश्विन) अमावस्या को यहाँ बिश्नोई समाज का सबसे बड़ा मेला लगता है। फाल्गुन का मेला सबसे बड़ा माना जाता है। देश भर से श्रद्धालु समाधि के दर्शन करने, हवन में आहुति देने और पास के समराथल धोरे पर जाने आते हैं, जहाँ जाम्भोजी ने तप किया और बिश्नोई पंथ की स्थापना की।
बाकी सभी अमावस्या और जाम्भाणी पर्व: बिश्नोई कैलेंडर • बिश्नोई समाज के 29 नियम • जाम्भोजी का इतिहास
फ़ोन के कैलेंडर में जोड़ें
बिश्नोई कैलेंडर (अमावस्या और जाम्भाणी मेले) की सारी तारीखें एक बार अपने फ़ोन के कैलेंडर में जोड़ लें। आगे की नई तारीखें अपने आप आती रहेंगी।
कैसे जोड़ें?
- Android (Google Calendar): बटन दबाकर "जोड़ें" चुनें। अगर फ़ोन पर न खुले तो यही बटन कंप्यूटर के ब्राउज़र में खोलें। एक बार जुड़ने पर आपके Google अकाउंट वाले हर फ़ोन में तारीखें दिखेंगी। न दिखें तो Google Calendar ऐप की Settings में इस कैलेंडर का "Sync" चालू करें।
- iPhone: बटन दबाकर "Subscribe" चुनें।
- Samsung Calendar और दूसरे ऐप: .ics फ़ाइल डाउनलोड करके खोलें (इसमें अपने आप अपडेट नहीं होगा, साल में एक बार फिर से जोड़ लें)।
- हटाना हो तो: कैलेंडर ऐप की Settings में इस कैलेंडर को हटा दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अगला मुकाम मेला कब है?
अगला मुकाम मेला 8 मार्च 2027, सोमवार को है (फाल्गुन अमावस्या मेला)। स्थान: मुकाम (नोखा, बीकानेर)। अमावस्या 7 मार्च, रविवार, दोपहर 1:47 से 8 मार्च, सोमवार, दोपहर 3:00 तक रहेगी।
मुकाम मेला साल में कितनी बार लगता है?
साल में दो बार: फाल्गुन अमावस्या और आसोज (आश्विन) अमावस्या को।
मुकाम कहाँ है?
मुकाम राजस्थान के बीकानेर ज़िले की नोखा तहसील में है। यहाँ गुरु जम्भेश्वर भगवान की समाधि (मुक्तिधाम) है।
मुकाम मेले में क्या होता है?
समाधि के दर्शन, हवन, जागरण, शब्दवाणी का पाठ और समराथल धोरे की यात्रा। बिश्नोई समाज के लोग देश भर से आते हैं।
