
प्रेरक कथा: श्री कृष्ण मोर से, तेरा पंख सदैव मेरे शीश पर होगा! (Prerak Katha Shri Krishn Mor Se Tera Aankh Sadaiv Mere Shish)
श्री कृष्ण के लीला काल का समय था, गोकुल में एक मोर
श्री कृष्ण, राधा रानी और श्याम के भजन, आरती, गोपी गीत और कथाएँ हिंदी में।

श्री कृष्ण के लीला काल का समय था, गोकुल में एक मोर

महाभारत का युद्ध खत्म हो गया था। युधिष्ठिर ने हस्तिनापुर की राजगादी

द्रौपदी को श्री कृष्ण ने सुनाई शिव-पार्वती कथा: एक बार अर्जुन नीलगिरि

॥ श्री गणेशाय नमः ॥ बहुत समय पहले झाँसी के निकट एक

श्री खाटू श्याम जी कथा महाभारत काल में लगभग साढ़े पांच हज़ार

प्राचीन काल में व्रज के लोगों का मुख्य व्यवसाय गौ-चारण ही था

भावयामि गोपालबालं मन- स्सेवितं तत्पदं चिन्तयेहं सदा ॥ भावयामि गोपालबालं मन- स्सेवितं

कृष्णप्रेममयी राधा राधाप्रेम मयो हरिः । जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम् ॥1॥ कृष्णस्य

भजे व्रजैक मण्डनम्, समस्त पाप खण्डनम्, स्वभक्त चित्त रञ्जनम्, सदैव नन्द नन्दनम्,

मुनीन्द्र–वृन्द–वन्दिते त्रिलोक–शोक–हारिणि प्रसन्न-वक्त्र-पण्कजे निकुञ्ज-भू-विलासिनि व्रजेन्द्र–भानु–नन्दिनि व्रजेन्द्र–सूनु–संगते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥१॥ अशोक–वृक्ष–वल्लरी

॥ दोहा ॥ श्री राधे वुषभानुजा, भक्तनि प्राणाधार । वृन्दाविपिन विहारिणी, प्रानावौ

॥ दोहा॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम । अरुण

भक्तों के बीच अनेक खाटू चालीसा प्रसिद्ध हैं, इनमे से सीकर के

॥ दोहा॥ श्री गुरु चरणन ध्यान धर, सुमीर सच्चिदानंद । श्याम चालीसा

दिखाऊं कोनी लाड़लो, नजर लग जाए, नजर लग जाए रे, जुलम होय

लाज रखो हे कृष्ण मुरारी, हे गिरधारी हे बनवारी, हे गिरधारी हे

बताओ कहाँ मिलेगा श्याम । चरण पादुका लेकर सब से पूछ रहे

एक नजर कृपा की कर दो, लाडली श्री राधे । एक नजर

एक तू ही मेरा जग बेगाना, कन्हैया मेरी लाज रखना, मैने सब

आजा कलयुग में लेके अवतार ओ गोविन्द आजा कलयुग में लेके अवतार