सबद 74: कड़वा मीठा भोजन भख ले
शब्दवाणी का सबद 74 "कड़वा मीठा भोजन भख ले" से शुरू होता है। इसमें 4 पंक्तियाँ हैं। नीचे गुरु जम्भेश्वर भगवान का यह सबद मूल पाठ में दिया गया है।
ओ३म् कड़वा मीठा भोजन भख ले, भखकर देखत खीरूं।धर आखरड़ी साथर सोवण, ओढ़ण ऊंना चीरूं।सहजे सोवण पोह का जागण, जे मन रहिबा थीरूं।सुरग पहेली सांभल जीवड़ा, पोह उतरिबा तीरूं।
शब्दवाणी का पाठ
बिश्नोई समाज में हवन के समय शब्दवाणी के सबदों का पाठ किया जाता है और हर सबद पूरा होने पर "स्वाहा" बोलकर आहुति दी जाती है। अमावस्या के व्रत, जागरण और पाहल के समय भी सबदों का पाठ होता है। अगली अमावस्या का समय बिश्नोई कैलेंडर में देखें। और पढ़ें: बिश्नोई समाज के 29 नियम • जाम्भोजी का इतिहास • जम्भेश्वर भगवान आरती
सभी सबद
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शब्दवाणी का सबद 74 कौन सा है?
सबद 74 की पहली पंक्ति है: ओ३म् कड़वा मीठा भोजन भख ले, भखकर देखत खीरूं।
शब्दवाणी में कुल कितने सबद हैं?
शब्दवाणी में गुरु जम्भेश्वर भगवान के 120 सबद हैं। सभी सबदों की सूची शब्दवाणी पेज पर है।
