
राघवजी तुम्हें ऐसा किसने बनाया: भजन (Raghav Ji Tumhe Aisa Kisne Banaya)
ऐसा सुंदर स्वभाव कहाँ पाया, राघवजी तुम्हें ऐसा किसने बनाया । पर

ऐसा सुंदर स्वभाव कहाँ पाया, राघवजी तुम्हें ऐसा किसने बनाया । पर

दे दो अंगूठी मेरे प्राणों से प्यारी इसे लाया है कौन, इसे

मैया ना भुलाना, हमको ना भुलाना, मेरे घर में तुम सदा आती

रण में आयी देखो काली, खून से भरने खप्पर खाली, दुष्टो को

विंध्याचल की विंध्यवासिनी, नमन करो स्वीकार माँ, मेरो नमन करो स्वीकार माँ

जबलपुर में काली विराजी है, तरसे मोरी अंखियां, दे दर्शन इस लाल

हमें तो जो भी दिया, मेरी मैया ने दिया, हमेशा आपके हाथो

तू साँची है भवानी माँ, तेरा दरबार साँचा है, टिका जिसपे जगत

कैसे कह दूँ, दुआ बेअसर हो गई, मैं रोया, मेरी माँ को

थारे भरोसे बैठ्यो मैया, कोई ना म्हारो है, आसरो दादी थारो है,

झुंझुनू वाली दादी, ममता की मूरत है, सारे जग से दादी माँ,

गणपति आयो बापा, रिद्धि सिद्धि लायो, गजानंद आयो, रिद्धि सिद्धि लायो, गणपति

तेरी महिमा सभी ने बखानी, दया हमपे करो अम्बे रानी ॥ हम
शक्ति माता हे महाशक्ति, ये सच्चा अवतार है, भोरासा की पावन भूमि,

बैठी हो माँ सामने, कर सोलह श्रृंगार, तू करुणा की है मूरत,

ये मैया मेरी है, सबसे बोल देंगे हम, तोड़ के दुनिया से

अब करके दया, हम बच्चों का उद्धार कीजिये, आये नवरात्रे मैया, उपकार

दरश को आ रही हूँ माँ, मेरी अरदास सुन लेना ॥ दोहा

चन्द्रघंटा माँ से अर्जी मेरी, मैं दास बनूँ तेरा, अब जैसे मर्जी

तेरे जीवन में खुशियां, तमाम आएगी, ले जा माँ की दुआएं, ये