अब करके दया,
हम बच्चों का उद्धार कीजिये,
आये नवरात्रे मैया,
उपकार कीजिये,
अब करके दया,
हम बच्चों का उद्धार कीजिये ॥
माँ सिंह सवारी करके,
अब जल्दी से आ जाओ,
हर घर में ज्योतावाली,
खुशियों के दीप जलाओ,
हम दीनो पर,
ममता की बौछार कीजिये,
अब करके दया,
हम बच्चों का उद्धार कीजिये ॥
हम बालक मेहरावाली,
हमें अपने गले लगाओ,
परिवार पे हम बच्चो के,
अपनी ये मेहर बरसाओ,
मझधार पड़ी,
जो नैया वो भव पार कीजिये,
अब करके दया,
हम बच्चों का उद्धार कीजिये ॥
धन दौलत सोना चांदी,
महलों की चाह नहीं है,
हर पल सेवा मैं रहूं बस,
मेरे मन आस यही है,
इस ‘अमन’ की इतनी,
अर्ज़ी माँ स्वीकार कीजिये,
अब करके दया,
हम बच्चों का उद्धार कीजिये ॥
अब करके दया,
हम बच्चों का उद्धार कीजिये,
आये नवरात्रे मैया,
उपकार कीजिये,
अब करके दया,
हम बच्चों का उद्धार कीजिये ॥
श्री तुलसी स्तुति (Shri Tulsi Stuti)
प्रज्ञानं ब्रह्म महावाक्य (Prajnanam Brahma)
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