
सत नाम का सुमिरन कर ले – भजन (Satt Nam Ka Sumiran Kar Le)
सत नाम का सुमिरन कर ले, कल जाने क्या होय, जाग जाग

सत नाम का सुमिरन कर ले, कल जाने क्या होय, जाग जाग

जिस घर में मैया का, सुमिरन होता, उस घर में हर पल,

जय महाकाली शेरावाली, सारे जग की तू रखवाली, तेरे दर पे आने

विरात्रा री पहाड़ियों में, धाम थारो म्हाने लागे न्यारो, म्हाने प्यारो प्यारो

दरश को प्यासे है, मैया मेरे नैन, एक झलक दिखलाओ भवानी, तो

माँ शारदा भवानी, बैठी है देखो कैसे, मैया सजी है ऐसे, दुल्हन

सज धज के बैठी है माँ, लागे सेठानी, लागे सेठानी ओ मेरी

अर्जी सुनकर मेरी मैया, घर में मेरे आई, झूम झूम के नाचूं

जैसे तुम सीता के राम जैसे लक्ष्मण के सम्मान जैसे हनुमत के

सीता राम सीता राम, सीताराम कहिये, जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि

चहुं दिशि बरसें राम रस, छायों हरस अपार, राजा रानी की करे,

श्री राम, जय राम, जय जय राम श्री राम, जय राम, जय

ब्रह्मादि देवताओं द्वारा भगवान विष्णु का आव्हान, जिसके बाद भगवान विष्णु ने

संकट हरलो मंगल करदो, प्यारे शिव गौरा के लाल, अब विनती सुनलो

गजानन गणेशा है गौरा के लाला, दयावन्त एकदन्त स्वामी कृपाला ॥ है

ऊँचे ऊँचे पर्वत पे, शारदा माँ का डेरा है, मतलब की दुनिया

नौरता की रात मैया, गरबे रमवा आणो है, थाने वादों निभाणो है,

उड़ उड़ जा रे पंछी, मैया से कहियो रे, कहियो तेरा लाल,

शेरावाली का लगा है दरबार, जयकारा माँ का बोलते रहो, मेहरवाली का

मोरी मैया महान, मोरी मईया महान, मैहर की शारदा भवानी ॥ संतन