मैया ना भुलाना,
हमको ना भुलाना,
मेरे घर में तुम सदा आती रहना,
तेरा है परिवार तू संग में रहना,
मईया ना भुलाना,
हमको ना भुलाना ॥
छोटा सा परिवार है मेरा,
छोटा सा संसार है,
मेरे सिर पे हाथ हो तेरा,
बस इतनी दरकार है,
इससे ज्यादा मैया,
तुमसे क्या कहना,
तेरा है परिवार,
तू संग में रहना,
मईया ना भुलाना,
हमको ना भुलाना ॥
किसको क्या बतलाऊ मैं,
किसके द्वारे जाऊ,
तुझको अपने दिल की सुना के,
चैन बड़ा मैं पाऊ,
जो कहना बस,
तेरे आगे ही कहना,
तेरा है परिवार,
तू संग में रहना,
मईया ना भुलाना,
हमको ना भुलाना ॥
कुछ भी अगर देना मुझको तो,
मैया इतना देना,
मेरे इस परिवार के सिर पे,
अपना हाथ रख देना,
कहे ‘पवन’ के बार बार,
ये ही कहना,
तेरा है परिवार,
तू संग में रहना,
मईया ना भुलाना,
हमको ना भुलाना ॥
मैया ना भुलाना,
हमको ना भुलाना,
मेरे घर में तुम सदा आती रहना,
तेरा है परिवार तू संग में रहना,
मईया ना भुलाना,
हमको ना भुलाना ॥
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 5 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 5)
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 32 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 32)
दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन








