म्हारे घर आये जम्भ भगवान जम्भेश्वर भजन Lyrics

jambh bhakti logo

म्हारे घर आये जम्भ भगवान जम्भेश्वर भजन Lyrics

सोहन कलश गंगा जल भरियो सखियाँ मंगल गाय री धूप दीप ले करो आरती-२ केसर रो तिलक लगायI  म्हारे घर आए जम्भ भगवान सोने रो सूरज उगियो
सोहन कलश गंगा जल भरियो सखियाँ मंगल गाय री धूप दीप ले करो आरती-२ केसर रो तिलक लगायI म्हारे घर आए जम्भ भगवान सोने रो सूरज उगियो

म्हारे घर आए जम्भ भगवान सोने रो सूरज उगियो
सोहन कलश गंगा जल भरियो सखियाँ मंगल गाय री धूप दीप ले करो आरती-२ केसर रो तिलक लगायI म्हारे घर आए जम्भ भगवान सोने रो सूरज उगियो

ढोल नगाड़ा नोबत बाजे झाँलर री झंकार जी-२ ढोलक पेटी झींझा बाजे-२ गुरुजी ने लेंवा बधाय सोने रो सूरज उगियो।

म्हारे घर.……..

अंतर्यमी आया आँगने बैठा आसान लगाय जी-२ नर नारी और टाबर सगला-२ प्रेम रा पुष्प चढ़ाय सोने रो सूरज उगियो।म्हारे घर………

सर को झुकालो, शेरावाली को मानलो - भजन (Sar Ko Jhukalo Sherawali Ko Manalo)

आरती श्री वृषभानुसुता - राधा आरती (Radha Aarti: Aarti Shri Vrashbhanusuta Ki)

सूर्य अष्टकम (Surya Ashtakam)

हरी गुण गांवा चँवर ढुलावा लुल- लुल लागां पाय जी-२ छोगाराम शरण सतगुरू जी री-२ गुरुजी ने लेवां बधाय सोने रो सूरज उगियो।म्हारे घर………

म्हारे घर आए जम्भ भगवान सोने रो सूरज उगियो।

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment