म्हारे घर आये जम्भ भगवान जम्भेश्वर भजन Lyrics

सोहन कलश गंगा जल भरियो सखियाँ मंगल गाय री धूप दीप ले करो आरती-२ केसर रो तिलक लगायI म्हारे घर आए जम्भ भगवान सोने रो सूरज उगियो

म्हारे घर आये जम्भ भगवान जम्भेश्वर भजन Lyrics

सोहन कलश गंगा जल भरियो सखियाँ मंगल गाय री धूप दीप ले करो आरती-२ केसर रो तिलक लगायI  म्हारे घर आए जम्भ भगवान सोने रो सूरज उगियो
सोहन कलश गंगा जल भरियो सखियाँ मंगल गाय री धूप दीप ले करो आरती-२ केसर रो तिलक लगायI म्हारे घर आए जम्भ भगवान सोने रो सूरज उगियो

म्हारे घर आए जम्भ भगवान सोने रो सूरज उगियो
सोहन कलश गंगा जल भरियो सखियाँ मंगल गाय री धूप दीप ले करो आरती-२ केसर रो तिलक लगायI म्हारे घर आए जम्भ भगवान सोने रो सूरज उगियो

ढोल नगाड़ा नोबत बाजे झाँलर री झंकार जी-२ ढोलक पेटी झींझा बाजे-२ गुरुजी ने लेंवा बधाय सोने रो सूरज उगियो।

म्हारे घर.……..

अंतर्यमी आया आँगने बैठा आसान लगाय जी-२ नर नारी और टाबर सगला-२ प्रेम रा पुष्प चढ़ाय सोने रो सूरज उगियो।म्हारे घर………

हरी गुण गांवा चँवर ढुलावा लुल- लुल लागां पाय जी-२ छोगाराम शरण सतगुरू जी री-२ गुरुजी ने लेवां बधाय सोने रो सूरज उगियो।म्हारे घर………

म्हारे घर आए जम्भ भगवान सोने रो सूरज उगियो।

Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

निवण प्रणाम सभी ने, मेरा नाम संदीप बिश्नोई है और मैं मदासर गाँव से हु जोकि जैसलमेर जिले में स्थित है. मेरी इस वेबसाइट को बनाने का मकसद बस यही है सभी लोग हमारे बिश्नोई समाज के बारे में जाने, हमारे गुरु जम्भेश्वेर भगवन के बारे में जानेतथा जाम्भोजी ने जो 29 नियम बताये है वो नियम सभी तक पहुंचे तथा उसका पालन करे.

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