
मुझे दास बनाकर रख लेना: भजन (Mujhe Das Banakar Rakh Lena)
मुझे दास बनाकर रख लेना, भगवान तू अपने चरणों में, मुझे दास

मुझे दास बनाकर रख लेना, भगवान तू अपने चरणों में, मुझे दास

मोको कहां ढूंढे रे बंदे, मैं तो तेरे पास में । मोको

जिंदगी एक किराये का घर है, एक न एक दिन बदलना पड़ेगा

भला किसी का कर ना सको तो, बुरा किसी का मत करना,

तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का, माटी का रे, माटी का,

दे प्रभो वरदान ऐसा, दे विभो वरदान ऐसा । भूल जाऊं भेद

मेरे भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो, अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत

भक्ति की झंकार उर के, तारों में कर्त्तार भर दो । भक्ति

विधाता तू हमारा है, तू ही विज्ञान दाता है । बिना तेरी

वृंदावन जाने को जी चाहता है, राधे राधे गाने को जी चाहता

पार करेंगे नैया भज कृष्ण कन्हैया । पार करेंगे नैया भज कृष्ण

है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा मकसद ऐ

मन में है विश्वास अगर जो, श्याम सहारा मिलता है, रोता है

महादेव शंकर हैं जग से निराले, बड़े सीधे साधे बड़े भोले भाले

राम को देख कर के जनक नंदिनी, बाग में वो खड़ी की

जो शिव नाम होठों पे चढ़ गयो रे, तो समझो ये जीवन

श्री राम धुन में मन तू, जब तक मगन ना होगा, भव

अब ना बानी तो फिर ना बनेगी नर तन बार बार नहीं

हर बात को भूलो मगर, माँ बाप मत भूलना, उपकार इनके लाखों

मन फूला फूला फिरे, जगत में कैसा नाता रे ॥ मन फूला