जो शिव नाम होठों पे चढ़ गयो रे,
तो समझो ये जीवन संवर गयो रे ॥
मन में बसा ले तू शिव का शिवाला,
साथ चलेगा तेरे डमरू वाला,
जो मन शिव की भक्ति में रम गयो रे,
तो समझो ये जीवन संवर गयो रे ॥
जग की ये माया बड़ी उलझाए,
पाप कर्म भक्ति के आड़े आवे,
जो शिवजी ने हाथ सिर पे धर दियो रे,
तो समझो ये जीवन संवर गयो रे ॥
बम बम बासुकी का नाम बड़ा प्यारा,
नाम ने लाखो को पार उतारा,
जो भोलेनाथ ने हाथ पकड़ लियो रे,
तो समझो ये जीवन संवर गयो रे ॥
अष्टोत्तर भैरव नामावलि (Bhairav Stotram)
मंगलवार व्रत कथा (Mangalwar Vrat Katha)
राम नाम जपते रहो, जब तक घट घट मे प्राण (Ram Nam Japte Raho, Jab Tak Ghat Ghat Me Ram)
जो शिव नाम होठों पे चढ़ गयो रे,
तो समझो ये जीवन संवर गयो रे ॥
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