
हे प्रभो आनंद-दाता ज्ञान हमको दीजिए – प्रार्थना (Hey Prabhu Anand Data Gyan Humko Deejiye)
प्रेरणादायी स्कूल प्रार्थना हे प्रभो आनन्ददाता ज्ञान हमको दीजिए गीत रचना स्कूलों

प्रेरणादायी स्कूल प्रार्थना हे प्रभो आनन्ददाता ज्ञान हमको दीजिए गीत रचना स्कूलों

भवसागर तारण कारण हे । रविनन्दन बन्धन खण्डन हे ॥ शरणागत किंकर

हम को मन की शक्ति देना, मन विजय करें । दूसरों की

बाल गोपाला, बाल गोपाला, प्यारे मुरारी मोरे नन्द लाला । नन्द लाला,

हरि जी! मेरी लागी लगन मत तोडना, लाला* जी! मेरी लागी लगन

लड्डू गोपाल मेरा, लड्डू गोपाल । छोटा सा है लला मेरा, करतब

दूर नगरी, बड़ी दूर नगरी कैसे आऊं मैं कन्हैया, तेरी गोकुल नगरी

तेरे बिना श्याम, हमारा नहीं कोई रे, हमारा नहीं कोई रे, सहारा

गुरु शिव को बना लीजिए, भक्ति से घर सजा लीजिये ॥ कर

मंदिर-मंदिर जाकर प्राणी, ढूंढ रहा भगवान, कण-कण में है राम समाया, जान

बृन्दावन का कृष्ण कन्हैया सब की आँखों का तारा मन ही मन

बांके बिहारी मुझे देना सहारा, कहीं छूट जाए ना दामन तुम्हारा॥ तेरे

नमो नमो जय, नमो शिवाय नमो नमो जय, नमो शिवाय कितने भोले

नैया मझधार मेरी, टूटी पतवार मेरी, बन के तू मांझी, आजा श्याम

तेरे द्वार खड़ा, तेरे द्वार खडा, मैं हार गया हूँ मेरे श्याम,

मुझे जो भी कुछ मिला है, तुमने ही सब दिया है, ओ

जुग जुग जियसु ललनवा, भवनवा के भाग जागल हो, ललना लाल होइहे,

बुद्ध पूर्णिमा के साथ-साथ भीमराव अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल) के दिन यह

ओ बाबा खाटू वाले, मुझको तू दर पे बुला ले, बेटी हूँ

रोम रोम में बसा हुआ है, एक उसी का नाम, तू जपले