मेरे भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो,
अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो,
अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो,
वो है त्रिपुरारी अनाड़ी मत समझो ॥
मेरे भोले बाबा के गले सर्प माला,
मेरे भोले बाबा के गले सर्प माला,
सर्पो को देख कर सपेरा मत समझो,
सपेरा मत समझो, सपेरा मत समझो,
अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो,
वो है त्रिपुरारी अनाड़ी मत समझो ॥
मेरे भोले बाबा के हाथो में डमरू,
मेरे भोले बाबा के हाथो में डमरू,
डमरू को देखके मदारी मत समझो,
मेरे भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो,
अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो,
वो है त्रिपुरारी अनाडी मत समझो ॥
मेरे भोले बाबा के तन पे मृगछाला,
मेरे भोले बाबा के तन पे मृगछाला,
मृगछाला को देखके शिकारी मत समझो,
मेरे भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो,
अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो,
वो है त्रिपुरारी अनाड़ी मत समझो ॥
मेरे भोले बाबा के तन पे है भस्मी,
मेरे भोले बाबा के तन पे है भस्मी,
भस्मी को देखके मनमौजी मत समझो,
मेरे भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो,
अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो,
वो है त्रिपुरारी अनाडी मत समझो ॥
दादी इतनी किरपा करिये: भजन (Dadi Itni Kirpa Kariye)
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 32 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 32)
मेरे भोले बाबा के साथ में है नंदी,
मेरे भोले बाबा के साथ में है नंदी,
नंदी को देखके व्यापारी मत समझो,
मेरे भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो,
अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो,
वो है त्रिपुरारी अनाडी मत समझो ॥
मेरे भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो,
अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो,
अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो,
वो है त्रिपुरारी अनाड़ी मत समझो ॥








