
हिम्मत ना हारिए, प्रभु ना बिसारिए: भजन (Himmat Na Hariye, Prabhu Na Bisraiye)
हिम्मत ना हारिए, प्रभु ना बिसारिए । हँसते मुस्कुराते हुये, जिंदगी गुजारिए

हिम्मत ना हारिए, प्रभु ना बिसारिए । हँसते मुस्कुराते हुये, जिंदगी गुजारिए

जरी की पगड़ी बांधे, सुंदर आँखों वाला, कितना सुंदर लागे बिहारी, कितना

ज्योति कलश छलके ज्योति कलश छलके ज्योति कलश छलके ज्योति कलश छलके

एक तू ही मेरा जग बेगाना, कन्हैया मेरी लाज रखना, मैने सब

चैत्र नवरात्रि, शारदीय नवरात्रि, दुर्गा पूजा, गुप्त नवरात्रि, माता की चौकी, देवी

श्याम सलोनो प्यारो म्हारो, मैं लुल लुल जावा मन को मोर्यो नाचन

हरियालो महीनों, नाँचे यो मन मोर, मिळणे ख़ातिर देखो, साँवरियो खींचे डोर,

आजा कलयुग में लेके अवतार ओ गोविन्द आजा कलयुग में लेके अवतार

अजब हैरान हूं भगवन! तुम्हें कैसे रिझाऊं मैं । कोई वस्तु नहीं

ईश्वर को जान बन्दे, मालिक तेरा वही है, करले तू याद दिल

भरोसा कर तू ईश्वर पर, तुझे धोखा नहीं होगा । यह जीवन

बन्दे तेरा रे नही रे ठिकाना, एक ना एक रोज, पडे़गा तुझे

हरि कर दीपक, बजावें संख सुरपति, गनपति झाँझ, भैरों झालर झरत हैं

ओम अनेक बार बोल, प्रेम के प्रयोगी। है यही अनादि नाद, निर्विकल्प

हरी दर्शन की प्यासी अखियाँ अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी ॥ देखियो

भगवान मेरी नैया, उस पार लगा देना, अब तक तो निभाया है,

सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ । बचायी थी

ये माया तेरी, बहुत कठिन है राम रक्त माँस हङ्ङी के ढेर

* त्राता: का अर्थ, वह जो त्राण करता हो, रक्षा करने वाला

सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु, करते हैं हम शुरु आज का