आश्विन (शारदीय) नवरात्रि मेला 2027: 30 सितंबर 2027, गुरुवार (आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी, देशनोक (बीकानेर))
तारीखें जम्भ भक्ति के पंचांग (सूर्योदय की तिथि) से हैं और हर साल अपने आप अगले साल की हो जाती हैं।
करणी माता का मंदिर बीकानेर से लगभग 30 किलोमीटर दूर देशनोक में है। यह मंदिर हज़ारों चूहों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है, जिन्हें यहाँ काबा कहते हैं और पवित्र माना जाता है। करणी माता चारण समाज से थीं और बीकानेर के राठौड़ राजवंश की कुलदेवी मानी जाती हैं। चैत्र और आश्विन नवरात्रि में यहाँ बड़ा मेला भरता है।
करणी माता: एक नज़र में
| समाज | चारण |
| जन्म स्थान | मान्यता के अनुसार सुवाप गाँव, मारवाड़ |
| मुख्य मंदिर | देशनोक, ज़िला बीकानेर |
| कुलदेवी | बीकानेर के राठौड़ राजवंश की, और चारण समाज की आराध्य |
| खासियत | मंदिर में हज़ारों काबा (चूहे), सफ़ेद काबा का दर्शन बहुत शुभ माना जाता है |
| मुख्य मेले | चैत्र और आश्विन नवरात्रि |
करणी माता और बीकानेर
लोक परंपरा में करणी माता को देवी दुर्गा का अवतार माना जाता है। मान्यता है कि उनके आशीर्वाद से राव बीका ने बीकानेर राज्य की नींव रखी, इसलिए बीकानेर का राठौड़ राजवंश उन्हें अपनी कुलदेवी मानता है। देशनोक का आज का संगमरमर का मंदिर बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह के समय बना, जिसके चाँदी के दरवाज़े भी प्रसिद्ध हैं।
मंदिर के चूहे (काबा) की मान्यता
देशनोक मंदिर में हज़ारों चूहे खुले घूमते हैं। भक्त उन्हें दूध और प्रसाद चढ़ाते हैं और उनका जूठा प्रसाद भी शुभ माना जाता है। लोक मान्यता है कि ये काबा करणी माता के वंशज चारणों के पुनर्जन्म हैं। मंदिर में सफ़ेद चूहा दिखना बहुत शुभ माना जाता है। दर्शन के समय पैर घसीटकर चलने की सलाह दी जाती है, ताकि किसी काबा को चोट न लगे।
नवरात्रि मेला कब है?
| पर्व या मेला | तारीख | तिथि | स्थान |
|---|---|---|---|
| चैत्र नवरात्रि मेला | 7 अप्रैल 2027, बुधवार | चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी | देशनोक (बीकानेर) |
| चैत्र नवरात्रि मेला | 27 मार्च 2028, सोमवार | चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी | देशनोक (बीकानेर) |
| चैत्र नवरात्रि मेला | 14 अप्रैल 2029, शनिवार | चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी | देशनोक (बीकानेर) |
| आश्विन (शारदीय) नवरात्रि मेला | 30 सितंबर 2027, गुरुवार | आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी | देशनोक (बीकानेर) |
| आश्विन (शारदीय) नवरात्रि मेला | 19 सितंबर 2028, मंगलवार | आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी | देशनोक (बीकानेर) |
| आश्विन (शारदीय) नवरात्रि मेला | 8 अक्टूबर 2029, सोमवार | आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी | देशनोक (बीकानेर) |
देशनोक कैसे पहुँचें?
- देशनोक बीकानेर-जोधपुर सड़क और रेल मार्ग पर है। देशनोक रेलवे स्टेशन मंदिर के पास है।
- बीकानेर शहर से टैक्सी और बसें आसानी से मिल जाती हैं, दूरी लगभग 30 किलोमीटर है।
- नवरात्रि में भारी भीड़ रहती है, बीकानेर से कई श्रद्धालु पैदल भी जाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
करणी माता मंदिर कहाँ है?
राजस्थान के बीकानेर ज़िले में देशनोक कस्बे में, बीकानेर शहर से लगभग 30 किलोमीटर दूर।
करणी माता मंदिर में चूहे क्यों हैं?
लोक मान्यता है कि ये चूहे (काबा) करणी माता के वंशज चारणों के पुनर्जन्म हैं, इसलिए इन्हें पवित्र मानकर दूध और प्रसाद चढ़ाया जाता है।
करणी माता किसकी कुलदेवी हैं?
बीकानेर के राठौड़ राजवंश की कुलदेवी मानी जाती हैं, और चारण समाज की आराध्य देवी हैं।
देशनोक में मेला कब लगता है?
चैत्र और आश्विन (शारदीय) नवरात्रि में। इस साल की तारीखें ऊपर दी गई हैं।
सफ़ेद चूहे का दर्शन क्यों शुभ माना जाता है?
मंदिर में हज़ारों काले-भूरे चूहों के बीच सफ़ेद चूहे बहुत कम दिखते हैं, और मान्यता है कि उनका दर्शन करणी माता की विशेष कृपा का संकेत है।
यह जानकारी लोक परंपरा, इतिहास की पुस्तकों और समाज में प्रचलित मान्यताओं पर आधारित है। कई बातों पर अलग-अलग स्रोतों में थोड़ा अंतर मिलता है, ऐसी जगह हमने यह साफ़ लिखा है। कोई जानकारी गलत लगे या आप कुछ जोड़ना चाहें, तो हमें बताएँ। जाँच के बाद हम इसे ठीक करेंगे।
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