
हे श्याम ध्वजा बंदधारी, तुम ही सुनते हो हमारी – भजन (Hey Shyam Dhwaja Banddhari Tum Hi Sunte Ho Hamari)
हे श्याम ध्वजा बंदधारी, तुम ही सुनते हो हमारी, जब कोई ना

हे श्याम ध्वजा बंदधारी, तुम ही सुनते हो हमारी, जब कोई ना

दिल से जयकारा बोलो, संकट में कभी ना डोलो, पकड़ेगा तेरा हाथ,

स्वीकार हमें करले, हम दुखड़ो के मारे है, तू कह दे कहाँ

बांके बिहारी की देख छटा, मेरो मन है गयो लटा पटा। कब

आज मिल्या मौका, भोले के दर्शन पाने का, नीलकण्ठ पै चाल नही,

शिव में मिलना है ॥ दोहा – कितना रोकूं मन के शोर

गणपति राखो मेरी लाज, गणपति राखो मेरी लाज, पूरण करियो मेरे काज,

दास तेरे है गजानन, ध्यान धरते है, तेरे चरणों में प्रभु, प्रणाम

गौरी सूत गणराज पधारो, आके सारे काज सवारों, तुझको आना होगा, तुझको

॥ श्लोक ॥ गजानंद आनंद करो, दो सुख सम्पति में शीश, दुश्मन

गणपति पधारो ताता थैया करते, ताता थैया करते, ठुमक ठुमक पग धरते,

गृह प्रवेश के समय गाए जाने वाला पॉपुलर श्री गणेश भजन। जिसमें

करलो करलो चारो धाम, मिलेंगे कृष्ण, मिलेंगे राम जीवन सफल उसी का

तुम करुणा के सागर हो प्रभु मेरी गागर भर दो थके पाँव

भगवान श्री हरि के मानव अवतार पुरुषोत्तम श्री राम को समर्पित यह

मेरे राघव जी उतरेंगे पार, गंगा मैया धीरे बहो, मैया धीरे बहो,

जाणे कितने दिन पाछे, आज बाबो मिलसी, म्हाने बाबो मिलसी, देखता ही

खाटू चालों खाटू चालों, खाटू वाले श्याम धणी को, हैलो आयो है,

सारी दुनिया में मच रहयो हेलो, म्हारो सेठ बड़ो अलबेलो, ओ म्हारो

फागण को महीनो, लिख दीन्यो बाबा जी के नाम, कोई काम नहीं