शिव में मिलना हैं: भजन (Shiv Mein Milna Hai)

jambh bhakti logo

शिव में मिलना है ॥

दोहा – कितना रोकूं मन के शोर को,
ये कहा रुकता है,
की शोर से परे,
उस मौन से मिलना है,
मुझे शिव से भी नहीं,
शिव में मिलना हैं ॥

मुझे शिव से नहीं,
शिव में मिलना है,
अपने अहम की,
आहुति दे जलना है,
मुझे शिव से नहीं,
शिव में मिलना हैं ॥

क्यों मुझे किसी और के,
कष्टों का कारण बनना है,
चाँद जो शीश सुशोभित,
उस चाँद सा शीतल बनना है,
उस चाँद सा शीतल बनना है,
मुझे शिव से नहीं,
शिव में मिलना हैं ॥

जितना मैं भटका,
उतना मैला हो आया हूँ,
कुछ ने है छला मोहे,
कुछ को मैं छल आया हूँ,
कुछ को मैं छल आया हूँ,
मुझे शिव से नहीं,
शिव में मिलना हैं ॥

मैं काशी हूँ - भजन (Main Kashi Hoon)

वरलक्ष्मी व्रत कथा (Varalakshmi Vrat Katha)

महिमा कही ना जाए, बाबा श्याम की: भजन (Mahima Kahi Na Jaye Baba Shyam Ki)

मुझे शिव से नहीं,
शिव में मिलना हैं,
अपने अहम की,
आहुति दे जलना है,
मुझे शिव से नहीं,
शिव में मिलना हैं ॥

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment