खाटू चालों खाटू चालों,
खाटू वाले श्याम धणी को,
हैलो आयो है,
रंग रंगिलों फागणिये को,
मेलो आयो है,
खाटू चालों खाटू चालों ॥
जगह जगह से,
प्रेमियाँ की टोली आवे है,
नाच झूम के बाबा ने,
निशान चढ़ावें है,
चाव घणों है सब भक्ता को,
मन हर्षायो है,
रंग रंगिलों फागणिये को,
मेलो आयो है,
खाटू चालों खाटू चालों ॥
रंग अबीर उड़ावे सगला,
उधम मचावे है,
जोर जोर से श्याम की,
जय जयकार लगावे है,
भक्ता को खाटू नगरी,
में रेलो आयों है,
रंग रंगिलों फागणिये को,
मेलो आयो है,
खाटू चालों खाटू चालों ॥
फागणिये में रंग रसिया को,
खूब सजे दरबार,
मांगणिये का भरे खजाना,
श्याम धनी दातार,
‘गोलू’ के मन की मत पूछो,
आनंद छायों है,
रंग रंगिलों फागणिये को,
मेलो आयो है,
खाटू चालों खाटू चालों ॥
वैकुण्ठ चतुर्दशी प्रचलित पौराणिक कथा! (Vaikuntha Chaturdashi Pauranik Katha)
भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे: भजन (Bhor Bhai Din Chad Gaya Meri Ambey)
आरती: माँ महाकाली (Aarti: Maa Maha Kali)
खाटू चालों खाटू चालों,
खाटू वाले श्याम धणी को,
हैलो आयो है,
रंग रंगिलों फागणिये को,
मेलो आयो है,
खाटू चालों खाटू चालों ॥








