
हे शिव शम्भू नमस्तुभ्यं: भजन (Hey Shiv Shambhu Namastubhyam)
हे शिव शम्भू नमस्तुभ्यं, हे गंगाधर नमस्तुभ्यं, महाकालम नमस्तुभ्यं, हे नंदीश्वर नमस्तुभ्यं,

हे शिव शम्भू नमस्तुभ्यं, हे गंगाधर नमस्तुभ्यं, महाकालम नमस्तुभ्यं, हे नंदीश्वर नमस्तुभ्यं,

लाऊँ कहाँ से, भोलेनाथ तेरी भंगिया, ढूंढ ढूंढ मैं तो हार गया,

श्री महाकाल ऐसा वरदान दो, गुणगान तुम्हारा सुनाता रहूं, संसार में जब

हे त्रिपुरारी गंगाधरी, सृष्टि के आधार, शंकर किरपा करुणाकार, भोले किरपा करुणाकार

शिव शंकर डमरू धारी, है जग के आधार, तीनो लोक पे रहता

भजमन शंकर भोलेनाथ, डमरू मधुर बजाने वाले, डमरू मधुर बजाने वाले, डमरू

हर जनम में बाबा तेरा साथ चाहिए, सिर पे मेरे बाबा तेरा

मैं आया उज्जैन महाकाल, बाबा मुझे दर्शन दे, दर्शन दे मुझे दर्शन

कल कल कल जहाँ निर्मल बहती, माँ गंगा की धार, है पावन

उज्जैनी में बाबा ने ऐसा, डमरू बजाया, मैं सुध बुध भूल आया,

भोले ओ भोले आया दर पे, मेरे सिर पे, जरा हाथ तू

जय महाकाल जय महाकाल, जय महांकाल जय महांकाल, जो पाप ताप का

भोलेनाथ की दीवानी, गौरा रानी लागे, गौरा रानी लागे, शिव संग में

हर हर शंभू (शंभू) शंभू (शंभू) शिव महादेवा शंभू शंभू शंभू शंभू

शिव शंकर को जिसने पूजा, उसका ही उद्धार हुआ । अंत काल

शिव नाम से है, जगत में उजाला । हरी भक्तो के है,

ॐ शंकर शिव भोले उमापति महादेव शंकर शिव भोले उमापति महादेव पालनहार

लिया नाम जिसने भी शिवजी का मन से, उसे भोले शंकर ने

हे भोले शंकर पधारो हे भोले शम्भू पधारो बैठे छिप के कहाँ

सुबह सुबह ले शिव का नाम, कर ले बन्दे यह शुभ काम