स्वीकार हमें करले,
हम दुखड़ो के मारे है,
तू कह दे कहाँ जाएं,
बस तेरे सहारे है,
स्वीकार हमे करले,
हम दुखड़ो के मारे है ॥
जो दर पे गया तेरे,
सम्मान दिया तूने,
बिन बोले कष्टों को,
पहचान लिया तूने,
पहचान लिया तूने,
तू अंतर्यामी है,
हम मुरख सारे है,
तू कह दे कहाँ जाएं,
बस तेरे सहारे है,
स्वीकार हमे करले,
हम दुखड़ो के मारे है ॥
धन दौलत की हमको,
परवाह नहीं दाता,
चरणों की धुल मिले,
बस चाह यही बाबा,
बस चाह यही बाबा,
दर से ना ठुकराना,
तेरी आँख के तारे है,
तू कह दे कहाँ जाएं,
बस तेरे सहारे है,
स्वीकार हमे करले,
हम दुखड़ो के मारे है ॥
जिस ओर नज़र फेरूँ,
बस तू ही नज़र आए,
अब छोड़ के दर तेरा,
ये ‘हर्ष’ किधर जाए,
ये ‘हर्ष’ किधर जाए,
आ हमको माफ़ी दे,
हम पापी सारे है,
तू कह दे कहाँ जाएं,
बस तेरे सहारे है,
स्वीकार हमे करले,
हम दुखड़ो के मारे है ॥
पार्श्व / परिवर्तिनी एकादशी व्रत कथा (Parshva / Parivartani Ekadashi Vrat Katha)
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स्वीकार हमें करले,
हम दुखड़ो के मारे है,
तू कह दे कहाँ जाएं,
बस तेरे सहारे है,
स्वीकार हमे करले,
हम दुखड़ो के मारे है ॥








