दास तेरे है गजानन, ध्यान धरते है: भजन (Das Tere Hai Gajanan Dhyan Dharte Hai )

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दास तेरे है गजानन,
ध्यान धरते है,
तेरे चरणों में प्रभु,
प्रणाम करते है,
तेरे चरणों में प्रभु,
प्रणाम करते है ॥

चार तेरी है भुजाये,
रूप मत वाला,
शिव सुवन गोरी के लाला,
भक्त रख वाला,
तेरी शक्ति का भी शिव,
मान करते है,
तेरे चरणों में प्रभु,
प्रणाम करते है ॥

रिद्धि सिद्धि लाभ और शुभ,
साथ में लाना,
दास का अनुरोध दाता,
भूल मत जाना,
तेरी महिमा का सदा,
गुण गाण करते है,
तेरे चरणों में प्रभु,
प्रणाम करते है ॥

मेरे अंगना में पधारो,
है अरज मेरी,
गोरी नंदन जल्दी आओं,
ना करो देरी,
पुष्प चन्दन से तेरा,
सम्मान करते है,
तेरे चरणों में प्रभु,
प्रणाम करते है ॥

बुद्धि के दाता हमें भी,
ज्ञान दे जाओ,
अपनी भक्ति का हमें,
वरदान दे जाओ,
नित तेरे नाम का,
रस पान करते है,
तेरे चरणों में प्रभु,
प्रणाम करते है ॥

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‘श्याम सुंदर’ दास तेरा,
इसको अपनाना,
हे गजानन ‘लख्खा’ भी,
तेरा है दीवाना,
कर दो बैडा पार,
क्यों हैरान करते है,
तेरे चरणों में प्रभु,
प्रणाम करते है ॥

दास तेरे है गजानन,
ध्यान धरते है,
तेरे चरणों में प्रभु,
प्रणाम करते है,
तेरे चरणों में प्रभु,
प्रणाम करते है ॥

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Sandeep Bishnoi

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