
जागो पहाड़ावाली तेरा, जागण वेला होया: भजन (Jaago Pahada Waali Tera Jagan Vela Hoya)
जागो पहाड़ावाली तेरा, जागण वेला होया, जागो गौरा माई तेरा, जागण वेला

जागो पहाड़ावाली तेरा, जागण वेला होया, जागो गौरा माई तेरा, जागण वेला

आओ जी आओ मैया, आज म्हारे आंगणे, भगत बुलावे थाने आया सरसी,

क्या करे इन हाथों का, इतने इतने हाथ, कमसे कम दो सर

बता मेरे यार सुदामा रै, भाई घणे दिना में आया । बता

हे रोम रोम मे बसने वाले राम, जगत के स्वामी, हे अन्तर्यामी,

आदियोगी – The Source of Yoga दूर उस आकाश की गहराइयों में,

माँ देख तेरा श्रृंगार, करे दिल नाचण का, नाचण का दिल नाचण

मैया बुलाले नवराते में, नाचेंगे हम सब जगराते में, माँ की मूरत

माँ करते तेरा वंदन, स्वीकार करो ना, भय मुक्त करो एक दानव,

माँ शारदे, माँ शारदे, माँ शारदे, माँ शारदे, ओ मैया हम तो

मन की मुरादें, पूरी कर माँ, दर्शन करने को मैं तो आउंगी

अंगना पधारो महारानी, मोरी शारदा भवानी, शारदा भवानी मोरी, शारदा भवानी, करदो

मेरी झोली छोटी पड़ गयी रे, इतना दिया मेरी माता। मेरी बिगड़ी

तुमको तुम्हारे बेटे पुकारे, आ जाओ मैया घर में हमारे ॥ बेटे

हमें निज धर्म पर चलना, सिखाती रोज रामायण, सदा शुभ आचरण करना,

मन तड़पत हरि दर्शन को आज मोरे तुम बिन बिगड़े सकल काज

गोपाल गोकुल वल्लभे, प्रिय गोप गोसुत वल्लभं । चरणारविन्दमहं भजे, भजनीय सुरमुनि

अब सौंप दिया इस जीवन का, सब भार तुम्हारे हाथों में, है

मुकुन्द माधव गोविन्द बोल । केशव माधव हरि हरि बोल ॥ राम

राम का सुमिरन किया करो, प्रभु के सहारे जिया करो जो दुनिया