आओ जी आओ मैया,
आज म्हारे आंगणे,
भगत बुलावे थाने आया सरसी,
भगत बुलावे थाने आया सरसी,
आओ जी आओ मईया,
आज म्हारे आंगणे ॥
था बिन म्हारी कुण सुणेलो,
इन मनड़े री बातड़ली,
दर्शन री ये प्यासी अँखियाँ,
जोवे थारी बाटड़ली,
भर भर आवे है यो हिवड़ो म्हारो,
थाने ही धीरज बंधाया सरसी,
आओ जी आओ मईया,
आज म्हारे आंगणे ॥
थे ना सुणोला म्हारी बातां,
किण जाय सुणावा जी,
थे हो माता म्हे हाँ सेवक,
थारो ही ध्यान लगावा जी,
थे ही सूनोला और,
थारे थाने ही सुणावाला,
म्हारो भी दुखडो मिटाया सरसी,
आओ जी आओ मईया,
आज म्हारे आंगणे ॥
थाने मैया ज्योत जगावा थारी,
भजन सुनावा चाव सु,
कीर्तन थारो आज करा माँ,
बहुत घणे उछाव सु,
चुनड़ उढ़ावा मैया चूड़ो पैरावा,
मेहंदी ने आजा सराया सरसी,
आओ जी आओ मईया,
आज म्हारे आंगणे ॥
ईब तो आओ दरश दिखाओ,
क्यों इतना तरसाओ जी,
‘ताराचंद’ कवे भक्तो री नैया,
आ कर पार लगाओ जी,
अटक ना जावे मैया,
बिच मझधार में,
थाने ही पार लगाया सरसी,
आओ जी आओ मईया,
आज म्हारे आंगणे ॥
बााबा नेने चलियौ हमरो अपन नगरी - भजन (Baba Nene Chaliyo Hamaro Apan Nagari)
अजब है तेरी माया, इसे कोई समझ ना पाया - भजन (Ajab Hai Teri Maya Ise Koi Samajh Na Paya)
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे: भजन (Agar Nath Dekhoge Avgun Humare)
आओ जी आओ मैया,
आज म्हारे आंगणे,
भगत बुलावे थाने आया सरसी,
भगत बुलावे थाने आया सरसी,
आओ जी आओ मईया,
आज म्हारे आंगणे ॥
दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन








