
गोविंद चले चरावन धेनु – भजन (Govind Chale Charaavan Dhenu)
गोविंद चले चरावन धेनु । गृह गृह तें लरिका सब टेरे शृंगी

गोविंद चले चरावन धेनु । गृह गृह तें लरिका सब टेरे शृंगी

ऊ जे केरवा जे फरेला# खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए+। मारबो^

बन परदेशिया जे गइल शहर तू बिसरा के लोग आपन गांव के

श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल, तुम बिन रह्यो न जाय हो ॥

दीपावली के तुरंत बाद आने वाली गोवर्धन पूजा में गाई जाने वाली

तुम भी बोलो गणपति, और हम भी बोले गणपति ॥ दोहा –

ओ राही रुक जाना, जहाँ चितचोर बसे, उस राह पे मत जाना

हम लाड़ले खाटू वाले के, हमें बाबा लाड़ लड़ाता है, होते है

खाटू वाला खुद खाटू से, तेरे लिए आएगा, मोरछड़ी ले लीले चढ़के,

बस इतनी तमन्ना है, बस इतनी तमन्ना है, श्याम तुम्हे देखूं, घनश्याम

सुनो भवानी अरज हमारी, दया करो माँ कृपा करो माँ, शरण में

ये तुम्हारी है कृपा माँ, तेरा दर्शन हो रहा, तेरा दर्शन हो

हमने आँगन नहीं बुहारा, कैसे आयेंगे भगवान् । मन का मैल नहीं

किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए । किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो

हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा ॥ वाल्मीकि अति दुखी

कौशल्या, दशरथ के नंदन राम ललाट पे शोभित चन्दन रघुपति की जय

Jinke Ojasvi Vachno Se

शांति के दूत है हम शांति के हैं हम पूजारी शांति के

अम्बे कहा जाये जगदम्बे कहा जाये, बोल मेरी मैया तुझे क्या कहा

अरे आये रे आये नवरात रे, आज झूमो रे झूमो सारी रात