
राम नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊँ गली गली – भजन (Ram Nam Ke Heere Moti Main Bikhraun Gali Gali)
राम नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊँ गली गली । कृष्ण नाम

राम नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊँ गली गली । कृष्ण नाम

तीनो लोको में भोले के जैसा ॥ दोहा – बात सदियों से,

मन धीर धरो घबराओ नहीं, श्री राम मिलेंगे कहीं ना कहीं, भगवान

राम नाम जपते रहो, जब तक घट घट मे प्राण । राम

मैं भोला पर्वत का रै तू राणी महला की तेरी मेरी पार

अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे, तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे

चाहे छाए हो बादल काले, चाहे पाँव में पड़ जाय छाले, चल

महाकाल मेरी मंजिल, उज्जैन है ठिकाना, मैं गुलाम हूँ भोले का, मेरे

भक्तो का कल्याण करे रे, मेरा शंकर भोला, हर मुश्किल आसान करे

लेते ही नाम भोले का, तूफान हट गया, कश्ती पर मेरी आके,

कैसे दर आऊं, मैं तेरे दरश पाने को, हे शिव शंकर दर्शन

म्हारा माँ गौरी का लाल, गजानंद आंगन आया जी, आँगन आया जी

माँ गौरी के लाल गजानन, आज आओ पधारो मेरे आँगन, गौरी शंकर

जपूँ नारायणी तेरो नाम, राणीसती माँ झुँझनवाली, राणीसती माँ झुँझनवाली, सांचो तेरो

माँ तेरे लाल बुलाए आजा, सुनले भक्तो की सदाए आजा, माँ तेरे

सिंघ सवारी महिमा भारी, पहाड़ों में अस्थान तेरा, ब्रम्हा विष्णु शिव शंकर

मिश्री से भी मीठा नाम तेरा, तेरा जी मैया, ऊँचे पहाड़ो पर

झूमर झलके अम्बा ना, गोरा गाल पे रे, गोरा गाल पे रे,

माँ वेदों ने जो तेरी महिमा कही है, माँ वेदों ने जो

धूम मची है धूम माँ के दर, धूम मची है धूम ॥