
निराले शम्भु को बिगड़ी, बना देना भी आता है: भजन (Nirale Shambhu Ko Bigdi Bana Dena Bhi Aata Hai )
निराले शम्भु को बिगड़ी, बना देना भी आता है ॥ श्लोक –

निराले शम्भु को बिगड़ी, बना देना भी आता है ॥ श्लोक –

प्रेम हो तो श्री हरि का प्रेम होना चाहिए जो बने विषयों

हे शिव शंकर भोले बाबा, मैं तेरे गुण गाऊं, ऐसा वर दे

हे शिवशंकर हे करुणाकर, हे परमेश्वर परमपिता हर हर भोले नमः शिवाय,

अभयदान दीजै दयालु प्रभु, सकल सृष्टि के हितकारी । भोलेनाथ भक्त-दु:खगंजन, भवभंजन

सीता राम जी के आरती उतारूँ ए सखी केकरा के राम बबुआ

भोले की किरपा से हमरे, ठाठ निराले है, हम बाबा वाले है,

हर घडी भोले दिल में, रहा कीजिये, चरणों में प्रभु जी, जगह

शिव सन्यासी से मरघट वासी से, मैया करूँगी मैं तो ब्याह, मैं

खोलो समाधी भोले शंकर, मुझे दरश दिखाओ, इस जग की झूठी माया,

यह भजन 15वीं सदी में गुजराती भक्तिसाहित्य के श्रेष्ठतम कवि नरसी मेहता

शिव के रूप में आप विराजे, भोला शंकर नाथ जी ॥ श्लोक

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥

बोला प्रभु से यूँ केवट, यह विनती है सरकार, चरण धुलाओ राम

जिसको राम नाम रटना पसन्द है, उसको हर घड़ी आनंद ही आनंद

नमो नमो नमो नमो ॥ श्लोक – सतसाँच श्री निवास, आद तू

तेरे दर जबसे ओ भोले, आना जाना हो गया, आना जाना हो

भक्ति का दीप मन में जलाये रखना, प्रभु चरणों में मुझको बिठाये

आंख फरुके बोले कागलियो, म्हारो हरसे छे हिवड़ो आज, सांवरियो आवेलो, म्हारो

अवध में छाई खुशी की बेला, अवध में छाई खुशी की बेला,