महाकाल मेरी मंजिल,
उज्जैन है ठिकाना,
मैं गुलाम हूँ भोले का,
मेरे साथ है जमाना,
महांकाल मेरी मंजिल,
उज्जैन है ठिकाना ॥
मेरा क्या बिगाड़ लेगा,
जो खिलाफ है जमाना,
मुझे डर नहीं किसी का,
मैं हूँ भोले का दीवाना,
महांकाल मेरी मंजिल,
उज्जैन है ठिकाना ॥
पल भर में भोले बाबा,
बिगड़ी को बनाते है,
बिन मांगे भोले बाबा,
वरदान ये देते है,
महांकाल मेरी मंजिल,
उज्जैन है ठिकाना ॥
महाकाल का दीवाने,
उज्जैन में आते है,
महाकाल के भवन में,
जयकारे लगाते है,
महांकाल मेरी मंजिल,
उज्जैन है ठिकाना ॥
श्री गुरु जम्भेश्वर से उतरकालिन समराथल .......(-: समराथल कथा भाग 14:-)
जिसने भी माँ की चौखट पे, सर को झुका लिया: भजन (Jisne Bhi Maa Ki Chaukhat Pe Sar Ko Jhuka Liya)
जिसने भी माँ की चौखट पे, सर को झुका लिया: भजन (Jisne Bhi Maa Ki Chaukhat Pe Sar Ko Jhuka Liya)
महाकाल मेरी मंजिल,
उज्जैन है ठिकाना,
मैं गुलाम हूँ भोले का,
मेरे साथ है जमाना,
महांकाल मेरी मंजिल,
उज्जैन है ठिकाना ॥








