म्हारा माँ गौरी का लाल,
गजानंद आंगन आया जी,
आँगन आया जी गजानंद,
आंगन आया जी,
म्हारा माँ गौरी का लाल,
गजानन्द आँगन आया जी ॥
पान चड़ाऊ फूल चड़ाऊ,
और चड़ाऊ मेवा जी,
लडूवन का तो भोग लगाऊं,
श्री गणराया जी,
म्हारा माँ गौरी का लाल,
गजानन्द आँगन आया जी ॥
रिद्धि मनाऊं सिद्धि मनाऊं,
और मनाऊं माँ गौरा जी,
शिव शंकर का ध्यान लगाऊं,
प्रथमे ध्यावा जी,
म्हारा माँ गौरी का लाल,
गजानन्द आँगन आया जी ॥
द्वार सजावा कलश सजावा,
बंदनवार लगावां जी,
धूप दीप और करा आरती,
मंगल गावां जी,
म्हारा माँ गौरी का लाल,
गजानन्द आंगन आया जी ॥
आरती श्री महाविष्णु देवा,आरती कीजे नरसिंह कंवर की,आरती जय जम्भेश्वर की
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म्हारा माँ गौरी का लाल,
गजानंद आँगन आया जी,
आंगन आया जी गजानंद,
आंगन आया जी,
म्हारा माँ गौरी का लाल,
गजानन्द आँगन आया जी ॥








