
मैं तो ओढली चुनरियाँ थारे नाम री: भजन (Main Too Ohdli Chunariyan Thare Naam Ri)
मैं तो ओढली चुनरियाँ थारे नाम री, थारे नाम री थारे नाम

मैं तो ओढली चुनरियाँ थारे नाम री, थारे नाम री थारे नाम

हर भक्तों के दिल से निकले, एक यही आवाज़, ये बाबा बहुत

सारे जहाँ के मालिक, तेरा ही आसरा है, राजी हैं हम उसी

जन्मे अवध में राम मंगल गाओ री दो सबको ये पैगाम घर

श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा और अखंड रामायण के

भक्ति और शक्ति के दाता, रामचरण से जिनका नाता, म्हारा बजरंगबली, म्हारा

श्री राम जी का मंदिर, सुन्दर बनाएँगे हम, सुन्दर बनाएँगे हम, मिलकर

चित्रकूट के घाट घाट पर, शबरी देखे बाट, राम मेरे आ जाओ,

सत्संगति से प्यार करना सीखोजी जीवन का उद्धार करना सीखोजी सत्संगति से

मुझे कौन जानता था, तेरी बंदगी से पहले, मैं बुझा हुआ दिया

जिनके हृदय हरि नाम बसे, तिन और का नाम लिया ना लिया

राम सीता और लखन वन जा रहे, हाय अयोध्या में अँधेरे छा

कर दो दुखियो का दुःख दूर, ओ बाघम्बर वाले, कर दो प्रभुजी

म्हारा उज्जैन का महाराजा ने, खम्मा रे खम्मा, भक्तां लाडीला महाकाल जी

हे शिव भोले मुझ पर, दो ऐसा रंग चढ़ाय, रोम रोम मेरा

भजन करो मित्र मिला, आश्रम नरतन का । श्वास की सुमिरिनी है,

राम नाम तू रटले बन्दे, जीवन है ये थोडा, दौडा जाये रे

राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का ॥

जय सीता राम की। जय राधे श्याम की ॥ राम नाम लड्डू,

राम नाम का जादू, श्रीराम नाम का जादू, दुनिया पे छा रहा