माँ वेदों ने जो तेरी महिमा कही है,
माँ वेदों ने जो तेरी महिमा कही है,
सही है सही है सही है सही,
तू करुणामयी और ममतामयी है,
सही है सही है सही है सही ॥
कोई दुर्गा काली भवानी कहे,
कोई अम्बे या वैष्णो रानी कहे,
महामाया गौरी तू कात्यायनी,
तु ही शारदे लक्ष्मी नारायणी,
तेरे नामो का कोई अंत नहीं है,
सही है सही है सही है सही ॥
तुम्ही ने बनाया ये संसार माँ,
ये चंदा सितारे सूरज आसमा,
ये पर्वत ये झरने ये फूल और वन,
जिसे देख मन हो रहा है मगन,
तेरी ही कृपा से टिकी धरती है,
सही है सही है सही है सही ॥
मुझे अपनी भक्ति का वरदान दो,
दया अब करो माँ मुझे ज्ञान दो,
हो आशा मेरी पूरी मातेश्वरी,
मेरे दिल में हो बस मूरत तेरी,
तेरे ‘लख्खा’ की मैया विनती यही है,
यही है यही है यही है यही ॥
माँ वेदों ने जो तेरी महिमा कही है,
माँ वेदो ने जो तेरी महिमा कही है,
सही है सही है सही है सही,
माँ तू करूँणा मई और ममता मयी है,
सही है सही है सही है सही ॥
गंगा अष्टोत्तर-शतनामस्तोत्र - नामावली (Ganga Ashtottar Shatnam Stotra)
नामवली: रामायण मनका 108 (Namavali: Ramayan Manka 108)
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