जिसको राम नाम रटना पसन्द है,
उसको हर घड़ी आनंद ही आनंद है ॥
सिर्फ नाम देगा सहारा,
झूठी दुनिया से करले किनारा,
राम जी की रजा में जो रजामंद है,
उसको हर घड़ी आनंद ही आनंद है।
जिसकों राम नाम रटना पसन्द है,
उसको हर घड़ी आनंद ही आनंद है ॥
मन के मंदिर में राम को बसा लो,
अपनी मुक्ति का रास्ता बना लो,
जिसके कट जाते चोरासी फंद है,
उसको हर घड़ी आनंद ही आनंद है।
जिसकों राम नाम रटना पसन्द है,
उसको हर घड़ी आनंद ही आनंद है ॥
स्वर्ग जाने की इच्छा ना होती,
मुक्ति पाने की इच्छा ना होती,
भाव भक्ति से मिलता परमानन्द है,
उसको हर घड़ी आनंद ही आनंद है।
जिसकों राम नाम रटना पसन्द है,
उसको हर घड़ी आनंद ही आनंद है ॥
राम जी से पूछे जनकपुर की नारी: भजन (Ram Ji Se Puche Janakpur Ki Nari)
भजन :- गिरधर गोकुल आव ,जंभेश्वर भगवान म्हाने दर्शन दो जी आय, भजन :- गावो गावो ए सईयां म्हारी गितड़ला
जिसको राम नाम रटना पसन्द है,
उसको हर घड़ी आनंद ही आनंद है ॥








