तेरे दर जबसे ओ भोले,
आना जाना हो गया,
आना जाना हो गया मेरा,
आना जाना हो गया,
मिल गई खुशियां सभी मेरा,
तू खजाना हो गया,
तेरे दर जब से ओ भोलें,
आना जाना हो गया ॥
बनके भवरा मैं था भटका,
फूल खिला ना मन कभी,
थामी जब उंगली ओ भोले,
जग बेगाना हो गया,
तेरे दर जब से ओ भोलें,
आना जाना हो गया ॥
कोई चला ना साथ मेरे,
कहते थे पागल सभी,
तूने रख दिया हाथ सर पे,
मैं सयाना हो गया,
तेरे दर जब से ओ भोलें,
आना जाना हो गया ॥
आँखों में आंसू भरे है,
लब पे फरियाद यही,
तेरे चरणों का ये भोले,
दिल दीवाना हो गया,
तेरे दर जब से ओ भोलें,
आना जाना हो गया ॥
तेरे बिन कोई ना अपना,
ना अर्चू पहचान है,
तेरी चौखट ही ओ भोले,
अब ठिकाना हो गया,
तेरे दर जब से ओ भोलें,
आना जाना हो गया ॥
मैं तो आरती उतारूँ रे संतोषी माता की - माँ संतोषी भजन (Main Toh Aarti Utaru Re Santoshi Mata Ki)
गजानंद महाराज पधारो कीर्तन की तैयारी है: भजन (Gajanand Maharaj Padharo Kirtan Ki Taiyari Hai)
सच्चा है माँ का दरबार, मैय्या का जवाब नहीं: भजन (Saccha Hai Maa Ka Darbar, Maiya Ka Jawab Nahi)
तेरे दर जबसे ओ भोले,
आना जाना हो गया,
आना जाना हो गया मेरा,
आना जाना हो गया,
मिल गई खुशियां सभी मेरा,
तू खजाना हो गया,
तेरे दर जब से ओ भोलें,
आना जाना हो गया ॥








