
सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ (Sakhi Ri Bank Bihaari Se Hamari Ladgayi Akhiyan)
सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ । बचायी थी
श्री कृष्ण, राधा रानी और श्याम के भजन, आरती, गोपी गीत और कथाएँ हिंदी में।

सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ । बचायी थी

बाल गोपाला, बाल गोपाला, प्यारे मुरारी मोरे नन्द लाला । नन्द लाला,

लड्डू गोपाल मेरा, लड्डू गोपाल । छोटा सा है लला मेरा, करतब

तेरे बिना श्याम, हमारा नहीं कोई रे, हमारा नहीं कोई रे, सहारा

बृन्दावन का कृष्ण कन्हैया सब की आँखों का तारा मन ही मन

बांके बिहारी मुझे देना सहारा, कहीं छूट जाए ना दामन तुम्हारा॥ तेरे

तेरे द्वार खड़ा, तेरे द्वार खडा, मैं हार गया हूँ मेरे श्याम,

मुझे जो भी कुछ मिला है, तुमने ही सब दिया है, ओ

ओ बाबा खाटू वाले, मुझको तू दर पे बुला ले, बेटी हूँ

वृंदावन जाने को जी चाहता है, राधे राधे गाने को जी चाहता

पार करेंगे नैया भज कृष्ण कन्हैया । पार करेंगे नैया भज कृष्ण

मन में है विश्वास अगर जो, श्याम सहारा मिलता है, रोता है

मन मोहन मूरत तेरी प्रभु, मिल जाओगे आप कहीं ना कहीं ।

जय राधे, जय कृष्ण, जय वृंदावन । श्री गोविंदा, गोपीनाथ, मदन-मोहन ॥

मुरली वाले ने घेर लयी अकेली पनिया गयी ॥ मै तो गयी

वृंदावनी वेणु कवणाचा माये वाजे । वेणुनादें गोवर्धनु गाजे ॥ पुच्छ पसरूनि

लचकि लचकि आवत मोहन, आवे मन भावे लचकि लचकि आवत मोहन, आवे

लागी लागी है लगन, म्हाने श्याम नाम की, भागी भागी म्हारे हिवड़े

नैनन में श्याम समाए गयो, मोहे प्रेम का रोग लगाए गयो ।

श्यामा श्याम सलौनी सूरत को शृंगार बसंती है । किशोरी श्याम सलोनी