आजा कलयुग में लेके अवतार ओ गोविन्द
आजा कलयुग में लेके अवतार ओ गोविन्द
अपने भगतो की सुन ले पुकार ओ गोविन्द
अपने भगतो की सुन ले पुकार ओ गोविन्द
यमुना का पानी तोसे करता सवाल है
तेरे बिना देख ज़रा कैसा बुरा हाल है
यमुना का पानी तोसे करता सवाल है
तेरे बिना देख ज़रा कैसा बुरा हाल है
काहे तूने तोड़ लिया प्यार ओ गोविन्द
काहे तूने तोड़ लिया प्यार ओ गोविन्द
अपने भगतो की सुन ले पुकार ओ गोविन्द
अपने भगतो की सुन ले पुकार ओ गोविन्द
निकला है सवा मन सोना जिस कूख से
गाये बेचारी मरे चारे बिना भूख से
निकला है सवा मन सोना जिस कूख से
गाये बेचारी मरे चारे बिना भूख से
गइयाँ को दिया दुत्कार ओ मोहन
गइयाँ को दिया दुत्कार ओ गोविन्द
अपने भगतो की सुन ले पुकार ओ गोविन्द
अपने भगतो की सुन ले पुकार ओ गोविन्द
घर घर में माखन की जगह हाँ शराब है
कलयुगी गोपियाँ हाँ बहुत ही खराब है
घर घर में माखन की जगह हाँ शराब है
कलयुगी गोपियाँ हाँ बहुत ही खराब है
जय जगजननी माँ, भवानी मैय्या शारदा हो माँ: भजन (Jai Jag Janani Maa Bhawani Maiya Sharda Ho Maa)
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 8 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 8)
श्री झूलेलाल चालीसा (Shri Jhulelal Chalisa)
धर्म तो बना व्यापार हो गोविन्द
धर्म तो बना व्यापार हो गोविन्द
अपने भगतो की सुन ले पुकार ओ गोविन्द
अपने भगतो की सुन ले पुकार ओ गोविन्द
अब किसी की द्रोपदी ककी बचती ना लाज रे
बिगड़ा जमाना भये उलटे ही काज रे
अब किसी की द्रोपदी ककी बचती ना लाज रे
बिगड़ा जमाना भये उलटे ही काज रे
कंसो की बनी सरकार ओ गोविन्द
कंसो की बनी सरकार ओ गोविन्द
अपने भगतो की सुन ले पुकार ओ गोविन्द
अपने भगतो की सुन ले पुकार ओ गोविन्द








