
मैं तो अपने मोहन की प्यारी: भजन (Me Too Apne Mohan Ki Pyari, Sajan Mero Girdhari)
मैं तो अपने मोहन की प्यारी, सजन मेरो गिरधारी, सजन मेरो गिरधारी,
श्री कृष्ण, राधा रानी और श्याम के भजन, आरती, गोपी गीत और कथाएँ हिंदी में।

मैं तो अपने मोहन की प्यारी, सजन मेरो गिरधारी, सजन मेरो गिरधारी,

जन्माष्टमी, राधाष्टमी, होली, भागवत कथा, गीता पाठ, कीर्तन, भजन संध्या, फाल्गुन मेला

हे गोविन्द हे गोपाल अब तो जीवन हारे । अब तो जीवन

झूलन चलो हिंडोलना, वृषभान नंदनी, झूलन चलो हिडोलना, वृषभान नंदनी। सावन की

राख शरण गिरधारी साँवरे, मैं बिना मोल को चेरो, हरी मैं जैसो

जरा इतना बता दे कान्हा, कि तेरा रंग काला क्यों । श्लोक-

नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा, श्याम सुंदर मुख चंदा, भजो

जन्माष्टमी, राधाष्टमी, होली, भागवत कथा, गीता पाठ, कीर्तन, भजन संध्या, फाल्गुन मेला

राधे झूलन पधारो झुकी आए बदरा, झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,

आई बागों में बहार, झूला झूले राधा प्यारी । झूले राधा प्यारी,

कभी भूलू ना कभी भूलू ना कभी भूलू ना याद तुम्हारी रटू

अगर श्याम सुन्दर का सहारा ना होता, तो दुनियाँ में कोई हमारा

तारा है सारा जमाना, श्याम हम को भी तारो । हम को

महल को देख डरे सुदामा का रे भई मोरी राम मड़ईया कहाँ

जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैया, सबको बहुत बधाई है, बहुत बधाई है,

यह तो प्रेम की बात है उधो, बंदगी तेरे बस की नहीं

यशोदा माँ के होयो लाल, बधाई सारे भक्ता ने, बधाई सारे भक्ता

नाचे नन्दलाल, नचावे हरि की मईआ ॥ नचावे हरि की मईआ, नचावे

ढँक लै यशोदा नजर लग जाएगी कान्हा को तेरे नजर लग जाएगी

राधे राधे जपा करो, कृष्ण नाम रस पिया करो, राधे राधे जपा