
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी – आरती (Jai Ambe Gauri Maiya Jai Shyama Gauri)
जय अम्बे गौरी,मैया जय श्यामा गौरी ।तुमको निशदिन ध्यावत,हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ॐ
श्री कृष्ण, राधा रानी और श्याम के भजन, आरती, गोपी गीत और कथाएँ हिंदी में।

जय अम्बे गौरी,मैया जय श्यामा गौरी ।तुमको निशदिन ध्यावत,हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ॐ

आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण

आरती बाल कृष्ण की कीजै,अपना जन्म सफल कर लीजै ॥ श्री यशोदा

आरती श्री वृषभानुसुता की,मंजुल मूर्ति मोहन ममता की ॥त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि,विमल

आरती बाल कृष्ण की कीजै,अपना जन्म सफल कर लीजै ॥ श्री यशोदा

आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…दुर्योधन को मेवा त्यागो,साग विदुर घर खायो प्यारे

भूल बिसर मत जाई कन्हैया, मेरी ओड़ निभाना जी | मोर मुकुट

भजन :- पापिडा रे मुख सूं राम नहीं निकले पापीड़ा के मुख

भजन :- मै तो जोऊ रे सांवरिया थारी बाट जोऊ रे सांवरिया

भजन :- सांवरा थारा नाम हजार सांवरिया थारा नाम हजार कैसे लिखू

भजन :- मत ले जिवडा नींद हरामी मतले जिवड़ा नींद हरामी, थोडे

भजन :- गिरधर गोकुल आव गिरधर गोकुल आव गोपी संदेशो मोकलो ।