
कारे से लाल बनाए गयी रे, गोरी बरसाने वारी: होली भजन (Kaare Se Laal Banaye Gayi Re Gori Barsaane Wari)
कारे से लाल बनाए गयी रे, गोरी बरसाने वारी, बरसाने वारी,गोरी बरसाने

कारे से लाल बनाए गयी रे, गोरी बरसाने वारी, बरसाने वारी,गोरी बरसाने

नेक आगे आ, श्याम तोपे रंग डारुं, नेक आगे आ, हाँ रे,

होली खेल रहे बांकेबिहारी आज रंग बरस रहा , और झूम रही

Muthai Tharu Patthi Thirunagai

तर जाएगा ले नाम राम का, कहीं बीत ना जाए, ये जीवन

प्रभु जी तुम चंदन हम पानी, जाकी अंग-अंग बास समानी, प्रभु जी

देखो राजा बने महाराज, आज राम राजा बने, देखों राजा बने महाराज,

यही रात अंतिम यही रात भारी, बस एक रात की अब कहानी

जन मानस में गूंज रहा है, जय श्री राम जय श्री राम,

हार के आया मैं जग सारा, तेरी चौखट पर, तुमसे ही है

नमस्तेस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते शंख चक्र गदाहस्ते महालक्ष्मी नमोस्तुते नमस्ते गरूडारूढे कोलासुर

ऐसो रास रच्यो वृन्दावन, है रही पायल की झंकार ॥ ऐसो रास

रक्षा करो मेरे राम, रक्षा करों मेरे राम, मन की लगी है

जुबां पे राम का नाम होना चाहिए, मन मंदिर में राम होना

राजा राम आइये, प्रभु राम आइये, मेरे भोजन का, भोग लगाइये ॥

मेरो मन राम ही राम रटे रे, राम ही राम रटे रे

मैं भी बोलूं राम तुम भी बोलो ना, राम है अनमोल मुख

सखी री दो कुंवर सुंदर, मनोहर आज आये है, चले दो लाल

जयपुर की चुनरिया, मैं लाई शेरावालिये, जयपुर की चुनरिया, मैं लाई शेरावालिये

श्लोक: जयंती मंगला काली, भद्र काली कपालिनी, दुर्गा क्षमा शिवाधात्री, स्वाहा स्वधा