राजा राम आइये,
प्रभु राम आइये,
मेरे भोजन का,
भोग लगाइये ॥
आचमनी अर्घा आरती,
यही यहाँ मेहमानी,
रुखी रोटी पाओ प्रेम से,
पियो नदी का पानी,
राजा राम आइयें,
प्रभु राम आइये,
मेरे भोजन का,
भोग लगाइये ॥
भूल करोगे यदि तज दोगे,
भोजन रुखे सुखे,
एकादशी आज मन्दिर में,
बैठे रहोगे भूखे,
राजा राम आइयें,
प्रभु राम आइये,
मेरे भोजन का,
भोग लगाइये ॥
राजा राम आइये,
प्रभु राम आइये,
मेरे भोजन का,
भोग लगाइये ॥
आजा कलयुग में लेके अवतार ओ गोविन्द: भजन (Aaja Kalyug Me Leke Avtar O Govind)
श्री जगन्नाथ अष्टकम (Shri Jagannath Ashtakam)
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः - लोकक्षेम मंत्र (Om Sarve Bhavantu Sukhinaha)
Post Views: 2,484








