
मैया तुमसे मेरी, छोटी सी है अर्जी: भजन (Maiya Tumse Meri Choti Si Hai Arji)
मैया तुमसे मेरी, छोटी सी है अर्जी, मानो या ना मनो, आगे

मैया तुमसे मेरी, छोटी सी है अर्जी, मानो या ना मनो, आगे

माँ मुराद कर पूरी आस रहे ना अधूरी, तेरे दर से जाऊंगा

तुम्हे हर घडी माँ प्यार करेगी, जरा माँ के दर पे तुम

गोपाल गोकुल वल्लभी, प्रिय गोप गोसुत वल्लभम, चरणारविन्द महम भजे, भजनीय सुर

हर बार मैं खुद को, लाचार पाती हूँ, तेरे होते क्यों दादी,

मेहराँ वालिया साइयाँ रखी चरना दे कोळ, रखी चरना दे कोल रखी

तुम शरणाई आया ठाकुर तुम शरणाई आया ठाकुर ॥ उतरि गइओ मेरे

तू मेरा राखा, सबनी थाई तां भौ के हा काढा जी, तां

भज राधे गोविंदा रे पगले, भज राधे गोविंदा रे, तन परिंदे को

हे गोवर्धन गिरधारी, तुझे पूजे दुनिया सारी, तेरी परिक्रमा जो करले, मिट

झाड़ो मोरछड़ी को लगवाले, हो जासी कल्याण, मोरछड़ी के माए विराजे, खाटू

आदि अंत मेरा है राम, उन बिन और सकल बेकाम ॥ कहा

मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे, मुझको तो किसी की खबर नही

मेरे कंठ बसो महारानी, ना मैं जानू पूजा तेरी, ना मैं जानू

शेरावाली माँ खजाने बैठी खोल के, जोतावाली माँ खजाने बैठी खोल के,

तेरी ज्योति में वो जादू है, तक़दीर बना देती है, जगमग जलती

कोई देवता नही है, भोले नाथ की तरह, लूटाते है खजाना बरसात

राम का नाम लो, या श्याम की पूजा करलो, कोई अंतर नही

ओ जाने वाले रघुवीर को, प्रणाम हमारा कह देना प्रणाम हमारा कह

कन्हैया का दीदार, करने आया तेरे द्वार ॥ अलख जगा के जोगी,