मां खजाने बैठी खोल के: भजन (Maa Khajane Baithi Khol Ke)

jambh bhakti logo

शेरावाली माँ खजाने बैठी खोल के,
जोतावाली माँ खजाने बैठी खोल के,
दुख सबके हरती जय हो,
भंडार है भरती जय हो,
तकदीर बदलती जरा देर ना लगती,
जोतावाली माँ खजाने बैठी खोल के,
शेरावाली मां खजाने बैठी खोल के ॥

यहां हरपल दाती बांटती,
खुशियों के मोती,
यहां सुख के सारे,
रत्नों की है बारिश होती,
जो चाहिए ले लो जय हो,
आवाजे दे लो जय हो,
ये माँ का दर है,
तुम्हें किसका डर है,
जोतावाली माँ खजाने बैठी खोल के,
शेरावाली मां खजाने बैठी खोल के ॥

माँ रोज यहां कंगालो को,
धनवान बनाती,
वो झोपड़ी को बंगला,
आलिशान बनाती,
हर आशा तेरी जय हो,
कर देगी पूरी जय हो,
विश्वास रखो,
फिर जादू देखो,
जोतावाली माँ खजाने बैठी खोल के,
शेरावाली मां खजाने बैठी खोल के ॥

वो मिट्टी को भी छु ले तो,
सोना बन जाता,
अरे उसी से भिक्षा लेता,
जग का भाग्य विधाता,
जो जग की दाती जय हो,
जो सबको देती जय हो,
तुमको भी देगी,
हमको भी देगी,
जोतावाली माँ खजाने बैठी खोल के,
शेरावाली मां खजाने बैठी खोल के ॥

शेरावाली माँ खजाने बैठी खोल के,
जोतावाली माँ खजाने बैठी खोल के,
दुख सबके हरती जय हो,
भंडार है भरती जय हो,
तकदीर बदलती जरा देर ना लगती,
जोतावाली माँ खजाने बैठी खोल के,
शेरावाली मां खजाने बैठी खोल के ॥

भाद्रपद संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा (Bhadrapad Sankashti Ganesh Chaturthi Vrat Katha)

श्री तुलसी स्तुति (Shri Tulsi Stuti)

गुरु आसन समराथल भाग 4 ( Samarathal Dhora Katha )

दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन

Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment